सर्व ब्राह्मण समाज के अन्नकूट महोत्सव में बिरला ने कहा- सामूहिक आयोजन से नई पीढ़ी में रोपित होते हैं संस्कार के बीज

- देर रात तक बही भजनों की धारा
 
In the Annakoot festival of Sarva Brahmin Samaj, Birla said that the seeds of sanskar are planted in the new generation by mass organizing.

कोटा, (विशाल उपाध्याय)। जय परशुराम के उदघोष की गूंज, चहुंओर बहती भजनों की धारा और संतों की उपस्थिति में भाव-विभोर होते श्रद्धालु। दशहरा मैदान रविवार की रात धर्म और आध्यात्मिकता की गंगा में डूब सा गया। अवसर था सर्वब्राहम्ण समाज की ओर से आयोजित अन्नकूट महोत्सव (Annakoot Festival organized by Sarvabrahmin Samaj) का, जिसमें कोटा सहित सम्पूर्ण हाड़ौती से आए ब्राहम्ण समाज के लोग देर रात तक प्रभु नाम के सिमरन में खोए रहे।

In the Annakoot festival of Sarva Brahmin Samaj, Birla said that the seeds of sanskar are planted in the new generation by mass organizing.

विजयश्री रंगमंच के मंच पर सजाई गई भगवान श्रीनाथ जी की भव्य झांकी के समक्ष 56 व्यंजनों का भोग लगाया गया। वहां फूलों से मनमोहक रंगोली भी सजाई गई। इस दौरान श्रीनाथ जी की आरती भी की गई। आरती के दौरान जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद देर रात तक भजनों का दौर चलता रहा।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि त्यौहार हमें जीने का तरीका सिखाते हैं। पर्वों के माध्यम से ही पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे संस्कार और हमारी संस्कृति आगे बढ़ रही है । दीपावली से सर्वश्रेष्ठ अवसर नहीं है जब हम सामूहिक रूप से एक जगह एकत्र होकर शुभकामनाएं प्रेक्षित करते हैं, एक दूसरे की कुशलक्षेम पुछते हैं। अन्नकूट आयोजन हमारी समृद्ध संस्कृति और धार्मिक परंपराओं आधार है । सामूहिक आयोजन के माध्यम से हम हमारी नई पीढ़ी में संस्कार के बीज रोपते हैं ।  

In the Annakoot festival of Sarva Brahmin Samaj, Birla said that the seeds of sanskar are planted in the new generation by mass organizing.

महामंडलेश्वर और संतों ने दिया आशीर्वाद
कार्यक्रम में महामण्डेलश्वर श्रीश्री 1008 सनातनपुरी महाराज शिवपुरी धाम, महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती मौजी बाबा की गुफा, महामंडलेश्वर हरिनारायण दास महाराज, संत लक्ष्मण दास जी रामधाम आश्रम की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर की भक्ति का मार्ग ही सत्य का मार्ग है। इस पर जो भी चलता है उसका भी कल्याण होता है और वह दूसरों के जीवन को भी बेहतर बनाता है।

तिलक लगा, दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक भगवती शर्मा ने बताया कि अन्नकूट महोत्सव में आए श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सभी श्रद्धालुओं का द्वार पर ही तिलक लगाकर, दुपट्टा ओढ़ाकर और जय परशुराम के उद्घोष के साथ स्वागत किया गया।

100 कार्यकर्ताओं को भेंट किए फरसे
कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय और सराहनीय भूमिका अदा करने वाले 100 कार्यकर्ताओं का फरसे भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान डॉ. सुमित्रा शर्मा को उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक ममता शर्मा, पूर्व उपमहापौर सुनिता व्यास, आयोजन समिति के डॉ. ब्रजसुंदर गौतम, लोकेश उपाध्याय, नितिन शर्मा, अतुल शर्मा, सोनू नीलकंठ, सुनिल गौतम, अनिल दसलाना विनित शर्मा, भगवती शंकर शर्मा, महेंद्र शर्मा, गिरिराज झाला, अनिल गौतम, मनोज झाला, अर्चना शर्मा, इंदू गौतम सहित समाज के प्रबुद्धजन व अतिथि मौजूद रहे।