निगम की अनदेखी से अतिक्रमियों के हौसले बुलंद, आए दिन जाम की स्थिति, पुराने कोटा शहर में मास्टर प्लान की उड़ रही धज्जियां

 
Ignorance of the corporation boosted the spirits of the trespassers, the situation of jam in the coming days, the master plan flying in the old Kota city

कोटा। एक और कोटा शहर मास्टर प्लान व स्मार्ट सिटी (Kota city master plan and smart city) की ऊंचाइयों को छू रहा है वहीं दूसरी और पुराने शहर कोटा में अतिक्रमण कारियो के कारण मुख्य मार्ग की दशा खराब हो रही है। नगरीय विकास मंत्री शहर के सुसज्जित सौंदर्यीकरण के लिए पैसा लगा रहे (Urban Development Minister is investing money for the well-equipped beautification of the city) हैं ताकि कोटा शहर को नया रूप मिल सके व आमजन को ट्रैफिक से राहत मिले (Public should get relief from traffic)। 

वही पुराने कोटा शहर के रामपुरा बाजार में हालात कुछ और बयां करते हैं रामपुरा में महारानी स्कूल के सामने अतिक्रमणकारियो दुकानदारों ने अपने सामान आधी सड़क तक जमा रखे हैं। सूटकेस, बैग, लगेज आदि सड़क पर अटे पड़े हैं जिससे आए दिन जाम लगा रहता है और गर्मी में राहगीरों को भी काफी परेशानी होती हैं। 
लेकिन नगर निगम का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इन दुकानदारों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि एक बार समझाइश करने के  बाद भी नहीं मान रहे है और अपने सामान वापस बसा लेते हैं नगर निगम को ऐसे लोगों को सख्त पाबंद करने की जरूरत है

70 फीट चौड़ा रोड फिर भी जाम की स्थिति
रामपुरा मुख्य बाजार की सड़क की चौड़ाई लगभग 70 फीट है लेकिन अतिक्रमण के कारण मुख्य चौड़े मार्ग ने संकरा रूप ले लिया है। पुराना शहर और बाजार होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना होता है। लेकिन मध्यमवर्गीय  परिवार के लोग जो ऑटो, रिक्शा आदि से बाजार में खरीददारी करने आते हैं उनकी वाहनों के जाम के कारण समय की बर्बादी होती है।