कोटा में रहना खाना सस्ता हो तो 5 लाख स्टूडेंट की हो सकती है भरमार- नितिन विजय

 
If food is cheap to live in Kota, then 5 lakh students may be full- Nitin Vijay

कोटा, (के के शर्मा कमल)। कोटा में रहना खाना अगर सस्ता हो जाए तो बाहर से आने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के करीबन पांच लाख छात्र-छात्राएं कोटा में निवास कर सकते हैं जिससे कोटा और गतिमान हो सकता है यह विचार मोशन के फाउंडर एवं सीईओ  नितिन विजय (Nitin Vijay, Founder and CEO, Motion) ने कहे।

मोशन के फाउंडर एवं सीईओ नितिन विजय ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार एवं मध्यम छात्र छात्राओं को कोचिंग फीस ज्यादा नहीं लगती किंतु कोटा में रहना और खाना के लिए होटल एवं पेइंग गेस्ट की सुविधा कुछ महंगी लगती है जिसके चलते वह कोटा में एक बार आते तो हैं लेकिन यहां कमरों हॉस्टलों का महंगा किराया तथा खाने रहने की सुविधा अन्य कोटा जैसे शहरों की अपेक्षा महंगी रहने के चलते मन मसोस कर वापस चले जाते हैं अगर कोटा  हॉस्टल मकान मालिक अपनी दरें कम कर दे तो कोटा में तकरीबन 5 लाख बच्चे कोचिंग के लिए कोटा शहर में निवास कर सकते हैं जिस से कोटा जो शिक्षा की काशी है उसमें और गति आ जाएगी वह कोटा गतिमान बन सकेगा।

सभी को करने होंगे सामूहिक प्रयास
नितिन विजय ने कहा कि इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है पत्रकार बंधु इसका प्रचार प्रसार करें कोटा शहर वासी मकान मालिक हॉस्पिटल होटल एवं अन्य व्यवसाई जिनका सीधा संपर्क कोचिंग के बच्चों के साथ में रहता है वह सभी मिलकर के इस दिशा में कदम बढ़ाए तो यह कोटा 5 लाख बच्चों का शहर बन सकता है जरूरत है तो सिर्फ और सिर्फ सब को सम्मिलित प्रयास करने की। इसके लिए व्यापार संगठन, हॉस्टल व्यवसाई, होटल व्यवसाई, आमजन एवं कोटा शहर वासी को कुछ मिलकर इस दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।

विकास पर्यटन के पथ पर बढ़ते कोटा को मध्यम वर्गीय छात्रों की दरकार
विकास और पर्यटन के पथ पर चहुंमुखी विकास की ओर बढ़ते कोटा में पर्यटन की वजह से एवं शिक्षा की चाह में अगर बच्चों का हुजूम उमड़ता है तो इससे कोटा के सभी व्यापार फलीभूत होंगे वह बढ़ेंगे किंतु इसके लिए कोटा शहर वासियों व्यापारियों को कीमतों में गिरावट लानी ही होगी ऐसा करेंगे तो इन्हें वर्तमान से कई गुना फायदा भी होगा।