किसी भी क्लासिकल डांस को जीने के लिए मेहनत जरूरी- सेउजप्रिया

- एलबीएस स्कूल में स्पिक मैके के तहत सेउजप्रिया बोलठाकुर ने दी प्रस्तुति
 
Hard work is necessary to live any classical dance - Seujpriya

कोटा। एलबीएस स्कूल में स्पिक मैके (Spic McKay at LBS School) के तहत सेउजप्रिया बोलठाकुर (Seuzpriya Bolthakur) ने नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। सेउजप्रिया एक मंझी हुई नृत्यांगना (Seuzapriya a seasoned dancer) है जो फुल टाइम नृत्यांगना होने के साथ ही स्टेज आर्टिस्ट भी हैं, ये लगभग 25 वर्षाे से इस विरासत को संभाले हुए है। एलबीएस स्कूल में विद्यार्थियों को डांस से रूबरू कराने एवं उन्हें डांस सिखाने (To introduce the students to dance in LBS school and teach them dance) के उद्देश्य से यह डांस की प्रस्तुति दी गई।

कोटा में पहली बार बच्चों को सत्या डांस सिखाने के उद्देश्य से वे यहां आई हैै। असम के गुवाहाटी से संबंधित नृत्यांगना सेउजप्रिया बोलठाकुर उस्ताद बिस्मिल्ला खान संगीत युवा पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी से 2015 राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित भी हो चुकी है। साथ ही ये सीसीआरटी से कनेक्ट भी है।

नृत्यांगना सेउजप्रिया ने कहा कि किसी भी क्लासिकल डांस को जीने के लिए मेहनत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों में पूजा की तरह भक्ति भाव से मंदिरों एवं स्टेज पर आर्टिस्ट की तरह नृत्य पेश किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 3-4 हजार छात्रों डांस के बारे में बताया इनमें से 2 भी सीख लें तो बहुत बड़ी बात है।
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन कुलदीप माथुर ने कहा कि डांस वही सीख सकता है जिसके मन में धैर्य है। इस नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने अनुभव लिया, जो उनके भविष्य में काम आएगा। उन्होंने भारत की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए स्पिक मैके की सराहना की।