भाजपा शासित राज्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार,अन्याय व प्रताड़ना के कारण आमजन मरने को मजबूर- MLA रामनारायण मीणा

 
Due to rampant corruption, injustice and harassment in BJP ruled states, people are compelled to die - MLA Ramnarayan Meena
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की पुलिस ने रिश्वत राशि नहीं देने पर झूंठे केस में फंसाया।  मृतक धर्मेन्द्र पारेता को न्याय दिलाने, आश्रित परिजन को सरकारी नौकरी देने,दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही की मांग की हैं

कोटा। समीपवर्ती मध्यप्रदेश पुलिस को रिश्वत राशि नहीं देने से कार से शराब तस्करी का झुंठा केस दर्ज (Liquor case registered for smuggling liquor from car) कर पुनः अधिक रिश्वत राशि मांगने व राशि नहीं देने पर लगातार 8 दिनों तक की गई मारपीट (Fighting for 8 consecutive days for demanding bribe and not giving the amount) एवं पुलिस की प्रताड़ना के कारण राजस्थान के खातौली (कोटा) निवासी धर्मेन्द्र पारेता की आकस्मिक मृत्यु (sudden death of dharmendra pareta) पर पूर्व सांसद एवं विधायक पीपल्दा (कोटा) रामनारायण मीना (Former MP and MLA Pipalda (Kota) Ramnarayan Meena) ने गहरी चिन्ता एवं दुःख प्रकट कर मध्यप्रदेश पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है।

विधायक मीना ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री से मांग की है कि उनके शासन में फैल रहे भ्रष्टाचार, अत्याचार एवं अन्याय के चलते मृत्यु को प्राप्त हुए मृतक धर्मेन्द्र पारेता के आश्रित परिजनों से माफी मांगते हुए मृतक के आश्रित परिजनों को तत्काल क्षतिपूर्ति मुआवजा 50 लाख रूपये दिया जाये तथा परिजन को मध्यप्रदेश सरकार में नौकरी दी जाये। विधायक मीना ने स्थानीय सांसद से भी अपने प्रभाव का उपयोग कर मृतक की हर संभव सहायता एवं न्याय दिलाने के लिए अपेक्षा की है। 

मीना ने श्योपुर (मध्यप्रदेश) के पुलिस प्रशासन को संवेदनहीन करार देते हुए बताया कि भाजपा शासित राज्य मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार, अत्याचार एवं शोषण का बोलबाला है। तानाशाही के ऐसे शासन में पिस रहा आम आदमी डर एवं भय के मारे बोल भी नहीं पा रहा है। कोई घुट-घुट कर जीने को मजबूर है तो कोई मजबूर होकर मृत्यु का वरण कर रहा है।   

विधायक मीना ने बताया कि अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्थान के खातौली (कोटा) निवासी 45 वर्षीय धर्मेन्द्र पारेता अपने परिवार के मुखिया एवं प्रमुख पालक था तथा कार चलाकर अपना एवं परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। 25 अक्टूबर को मृतक धर्मेन्द्र अपने दोस्त ओमप्रकाश, नरेश बंसल, विकास के साथ दोपहर 1 बजे करीब खातौली से मध्यप्रदेश के सीमावर्ती ग्राम जलालपुरा में अपने जानकार व्यक्तियों मिथुन और रामकरण से मिलने गये थे, जिनको किसी शक के आधार पर पुलिसकर्मियों ने पीछा कर जलालपुरा के मिथुन और रामकरण तथा खातौली के ओमप्रकाश को पुलिस ने पकड़ लिया, धर्मेन्द्र पारेता की कार को जप्त कर मृतक धर्मेन्द्र पारेता एवं अन्य व्यक्तियों से रिश्वत की मांग कर उनके साथ मारपीट की। रिश्वत राशि देने पर ही पकड़े गये व्यक्तियों एवं गाड़ी को छोड़ने के लिए कहा तथा धमकी दी कि यदि रिश्वत राशि नहीं दोगे तो तुमको ऐसे केस में फॅंसाएंगे कि जीवनभर छूट नहीं पाओगे। पुलिस प्रताड़ना एवं डर के कारण धर्मेन्द्र पारेता गाड़ी को छुड़ाने नहीं जाने पर उसका पुत्र दीपक जलालपुरा पुलिस चौकी गया तो उससे गाड़ी छोड़ने के लिए 20 हजार रूपये की मांग की गई। 

रिश्वत राशि नहीं देने पर 26 अक्टूबर को मध्यप्रदेश पुलिस ने शराब तस्करी का झूंठा केस बना कर धर्मेन्द्र पारेता की कार से 7 पेटी शराब पकड़ना बताया। झूंठे केस की जानकारी मिलने पर उसके घरवाले वापस जलालपुरा पुलिस चौकी पहुॅंचे तो तैनात श्यामवीर ने 2 लाख की मांग की तथा कहा कि अगर यह रकम दे दी तो गाड़ी छुड़वा देंगे तथा एक ही दिन में ओमप्रकाश को भी जमानत दिलवा देंगे। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा दलालों के माध्यम से पीड़ित धर्मेन्द्र पारेता एवं इनके परिवार वालों पर रिश्वत राशि देने के लिए दबाव बनाया, किन्तु धर्मेन्द्र एवं परिवार की गरीबी हालत के कारण मांगी गई बड़ी रिश्वत राशि नहीं दी जा सकी। इतने रूपये की व्यवस्था नहीं होने की बात कहने पर उनके परिवार वालों एवं मिलने वालों को वहां से भगा दिया। इस घटना में केन्द्र एवं मध्यप्रदेश राज्य में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों एवं उनके रिश्तेदारों की भूमिका होने की आशंका है। पुलिस द्वारा किये जा रहे अत्याचार एवं अन्याय से तंग आकर धर्मेन्द्र तनाव में आ गया तथा 29 अक्टूबर को उसने हाथ की नसें काटकर जान देने की कोशिश की किन्तु घरवालांे को पता लगने से खातौली चिकित्सालय में इलाज करवाया। इसके बाद धर्मेन्द्र ने मंगलवार को एम.पी. पुलिस के डर से जहर खा लिया। मध्यप्रदेश पुलिस की प्रताड़ना के इन 8 दिनों में मृतक धर्मेन्द्र ने अपने बेटी को मेसेज कर कहा कि पुलिस वालों ने उस पर झूंठा केस लगा दिया। यही बात उसने अपनी वाट्सऐप स्टोरी में भी लिखी थी। साथ ही सोशल मीडिया पर लिखा मेरी अर्थी को तब तक मत उठाना। जब तक इंसाफ नहीं मिल जाये। दारू का केस झूठा है।  

मध्यप्रदेश पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण हुई मृत्यु की इस घटना में न्याय की मांग को लेकर शव के साथ करीब 500 व्यक्ति जलालपुरा पुलिस चौकी पहुॅंचे तो उन पर लाठी चार्ज की गई तथा ऑंसू गैस के गोले दागे गये। लाठी चार्ज में महिलाएं एवं बच्चे भी चोटिल हुए हैं। स्थानीय विधायक बाबू जण्डेल की बात भी पुलिस एवं प्रशासन द्वारा नहीं सुनी गई।

श्योपुर थाना अधिकारी निलंबित
खातोली निवासी धर्मेंद्र पारेता पर शराब तस्करी का झूठा केस दर्ज कर, रिश्वत राशि मांगने व राशि नहीं देने पर लगातार 8 दिनों तक मारपीट करने पर पुलिस पिटाई से मृत्यु हो जाने पर पुलिस अधीक्षक श्योपुर ने थाना अधिकारी श्योपुर विजय सिंह तोमर को निलंबित कर दिया है। इस संदर्भ में पीपल्दा क्षेत्र के विधायक रामनारायण मीणा ने उनके विधानसभा क्षेत्र के निवासी धर्मेंद्र पारेता की पुलिस प्रताड़ना से मृत्यु हो जाने पर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी।