संभाग में भारी बारिश के चलते कोटा बैराज के 11 गेट खोले, पानी में फंसे लोगो को रेस्क्यू कर बचाया

 
Due to heavy rains in the division, 11 gates of Kota barrage were opened, people trapped in water were rescued by rescue

कोटा। कोटा संभाग में सोमवार अलसुबह से भारी बारिश का दौर शुरू हुआ, जो दोपहर तक जारी रहा। कुछ ही घण्टों की बारिश में हर तरफ पानी ही पानी हो गया। सड़कें दरिया बन गई है। नालों और खालों में अचानक पानी आने से कई लोग फंस गए, लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकालने का काम किया गया। 

हाड़ौती में सोमवार को कोटा और रावतभाटा क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। झालावाड़ में भी तेज बारिश हुई है। एनएच 52 पर दरा की नाल में अचानक ज्यादा पानी की आवक होने से वाहन फंस गए। इस कारण एनएच जाम हो गया है। दोपहर तक पुलिस जाम खुलवाने में जुटी थी। कोटा के डाढ़देवी जंगलों में नालों में उफान आने से कई लोग फंस गए । कोटा नगर निगम की ओर से रेस्क्यू चल रहा है। झालावाड़ शहर के तीनों तालाबों पर चादर चल रही है।

उधर कोटा बैराज के 11 गेट खोल कर करीब एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू कर दी। इसके लिए कोटा बैराज के 5 गेट 10 फीट और 6 गेटों को 15 फीट खुला हुआ है। चंबल नदी पर बने जवाहर सागर और कोटा बैराज के कैचमेंट एरिया में लगातार पानी की आवक हो रही है। इसको लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कोटा शहर के निचली बस्तियों के लोगों को चंबल नदी के नजदीक नहीं जाने के लिए आगाह किया है। वहीं कोटा से लेकर धौलपुर तक चंबल नदी के किनारों पर आने वाले लोगों के लिए खतरा बताया गया है।

दूसरी तरफ कोटा शहर के शॉपिंग सेंटर, जवाहर नगर, तलवंडी और स्टेशन इलाके में सड़कों पर बारिश का पानी बहता रहा। कोटा शहर के माला रोड, स्टेशन देवली, अरब रोड और बोरखेड़ा में भी जल प्लावन की स्थिति बनी हुई है। शहर के अधिकांश नाले बारिश के पानी में बहने लगे और नालों का पानी सड़कों पर पहुंच गया। इसके चलते नगर निगम की नाला सफाई व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खुल गई है। शहर के डीसीएम, प्रेम नगर, कंसुआ और अनंतपुरा की निचली बस्तियों में पानी घरों में घुस गया है। इसी तरह से कुन्हाड़ी इलाके के बड़गांव राजकीय विद्यालय में भी पानी भर गया है।