कोटा : भ्रुण लिंग परीक्षण का झांसा देकर 35 हज़ार रुपए ठगने के आरोपी दंपती को न्यायालय ने भेजा जैल

प्रकरण का अनुसंधान रमेश तिवाडी पुलिस निरीक्षक पीसीपीएनडीटी सेल जयपुर द्वारा किया जा रहा है। 
 
Kota: Court sent jail to a couple accused of cheating 35 thousand rupees on the pretext of fetal sex test

कोटा। स्टेट पीसीपीएनडीटी सेल (State PCPNDT Cell) ने गुरूवार को कोटा शहर में डिकॉय ऑपरेशन (Decoy operation in kota city) कर टीम ने नयापुरा क्षेत्र के एक सोनोग्राफी सेंटर में भ्रुण लिंग परीक्षण कराने का झांसा देकर 35 हज़ार रुपए ठगने के आरोप में दंपती को गिरफ़्तार किया (Couple arrested for duping 35,000 rupees on the pretext of conducting fetal sex test at sonography center) है। मामले में शुक्रवार को आरोपी गायत्री देवी और उसके पति मनोज मेघवाल को विशिष्ट न्यायालय PCPNDT सेल कोटा में पेश किया जहां से दोनों को 15 दिन के लिए जेसी भेजने के आदेश किये गये है।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निदेशक डॉ. जितेन्द्र सोनी के सुपरविजन में कोटा की टीम ने कार्यवाही को अंजाम दिया है। मुखबिर से मिली सूचना पर जयपुर से अपने साथ लाई गर्भवती महिला व सहायिका के डिकॉय ऑपरेशन के लिए सम्पर्क किया। महिला दलाल ने डॉक्टर के नाम पर 25 हजार व खुद के लिए 10 हजार कुल 35 हजार रुपए में भ्रुण लिंग परीक्षण कराना तय किया गया।

इसके बाद महिला दलाल गर्भवती महिला को जेकेलोन हॉस्पिटल लेकर गई। वहां ओपीडी में पर्ची कटवाकर डॉक्टर से सोनोग्राफी लिखवाई। उसके बाद जांच करवाने संकुल सोनोग्राफी सेंटर पर पहुंची। सोनोग्राफी सेंटर संकुल’ में सामान्य सोनोग्राफी कराई। फिर रिपोर्ट को मोबाइल पर किसी डॉक्टर को भेजना बताते हुए  भ्रुण लिंग परीक्षण में लड़का होना बताकर 35 हजार रुपए ले लिए। जयपुर से आयी पीसीपीएनडीटी सेल की टीम लगातार दलाल महिला उसके पति का पीछा कर रही थी, जैसे ही दलाल महिला और उसके पति ने गर्भवती महिला की सोनोग्राफी करके रुपये लिए वैसे ही पीसीपीएनडीटी टीम ने आरोपी महिला दलाल गायत्री मेघवाल व उसके पति मनोज मेघवाल निवासी संजय नगर कैथून हाल कुन्हाड़ी कोटा को गिरफ्तार कर ठगी की रकम बरामद की है। 

वहीं शुक्रवार को पुलिस निरीक्षक पीसीपीएनडीटी सेल रमेश तिवारी द्वारा आरोपी गायत्री देवी और उसके पति मनोज मेघवाल को विशिष्ट न्यायालय पीसीपीएनडीटी सेल कोटा में पेश किया जहां से दोनों को 15 दिन के लिए जेसी भेजने के आदेश किये गये है। प्रकरण का अनुसंधान रमेश तिवाडी पुलिस निरीक्षक पीसीपीएनडीटी सेल स्वास्थ्य भवन जयपुर के द्वारा किया जा रहा है।