मरीज की पीड़ा सुनी तो शॉप छोड़ SDP करने पहुंचा चिराग, टीम जीवनदाता का जीवन बचाने का संदेश पहुंच रहा घर-घर

 
After hearing the patient's pain, the lamp left the shop and reached SDP, the message of saving the life of the team life donor is reaching door to door

कोटा, (विशाल उपाध्याय)। रक्तदान और एसडीपी को लेकर लोगों में काफी जागरुकता देखने को मिल रही है, लोग अब स्वत: भी लोगों की मदद को आगे आ जाते हैं।

 टीम जीवनदाता के संयोजक व लायंस क्लब के रीजन चेयरमैन भुवनेश गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पताल में भर्ती मरीज नुरिया रहमान (24) की प्लेटलेट गिरती जा रही थी, उसके गर्भवती होने के साथ अन्य शारीरिक विकृतियां भी सामने आ रही है, ऐसे में चिकित्सकों ने एसडीपी के लिए कहा तो परिजन परेशान हो गए और उन्होंने पूरा प्रयास किया लेकिन एसडीपी डोनर की व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में भुवनेश गुप्ता ने हमेशा की तरह ही प्रयास किए, मैसेज वायरल किए फोन किए। गुप्ता इस दौरान एक मोमेंटों की शॉप से मोमेंटों खरीद रहे थे और लगातार फोन कॉल आ रहे थे।

 शॉप पर चिराग उनकी पूरी बाते सुन रहा था और वह सहज ही बोला की यदि ज्यादा परेशानी है तो में ओ पॉजिटिव एसडीपी कर सकता हूं। ऐसे में सभी कार्य छोड दोनो ही तलवंडी स्थित अपना ब्लड बैंक पहुंचे और एसडीपी डोनेट की। चिराग जैन ने बताया कि वह पहले भी एक बार एसडीपी और ग्यारह बार रक्तदान कर चुका है। परिवार में भी सेवा के संस्कार है, ऐसे में उसने सहज ही एसडीपी डोनेट कर मरीज के जीवन को बचाने का प्रयास किया। इस अवसर पर प्रॉपर्टी डीलर के नागेश गुप्ता ने ब्लड बैंक पहुंचकार डोनर का अभिनंदन किया।