CRPF जवान सुसाइड केस: आरोपी आईजी समेत 9 जवानो के खिलाफ कोर्ट ऑफ इनक्वायरी के आदेश, चौथे दिन हुआ अंतिम संस्कार

 
CRPF Jawan Suicide Case: Court of Inquiry orders against 9 jawans including accused IG, funeral held on fourth day

जोधपुर। जिले के CRPF ट्रेनिंग सेंटर में जवान नरेश जाट आत्महत्या मामले (Jawan Naresh Jat suicide case) में चार दिन बाद समझौता हो गया। चार दिन से नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Nagaur MP Hanuman Beniwal) जवान नरेश जाट के परिवार के साथ अस्पताल की मोर्चरी में धरना देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस बीच गुरुवार को सीआरपीएफ ट्रेनिंग की एडीजी रश्मि शुक्ला जोधपुर पहुंचीं (ADG of CRPF training Rashmi Shukla reached Jodhpur)। तब जाकर सभी मांगों पर सहमति बनी और जवान नरेश जाट का अंतिम संस्कार किया गया।

दरअसल, सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर में कार्यरत जवान नरेश जाट ने रविवार को अपनी पत्नी व बच्चों के साथ खुद को ट्रेनिंग सेंटर के स्टाफ क्वार्टर में बंद कर बालकनी से फायर करना शुरू कर दिया था। अपने आईजी से छुट्टी मांगने पर हुई बदसलूकी के चलते जवान नरेश जाट ने अपने परिवार को बंधक बनाकर सर्विस राइफल से 17 घंटे तक फायरिंग कर आखिर में खुद को गोली- मार मौत को गले लगा लिया था। 17 घंटे 30 मिनट तक जवान ने अपने परिवार को बंधक बनाए रखा। इस दौरान वो सीआरपीएफ के अधिकारियों से फोन पर बात भी करता रहा। 

आखिरकार साड़े 17 घंटे बाद जवान नरेश जाट ने वीडियो मैसेज रिकॉर्ड कर अपनी सर्विस राइफल से खुद को ही गोली मार आत्महत्या कर ली। उसके बाद परिवार के सदस्य जवान नरेश जाट का शव लेने से इनकार करते हुए अस्पताल की मोर्चरी में ही धरना देकर बैठ गए।

परिवार ने सीआरपीएफ के अधिकारियों पर जवान नरेश जाट को परेशान करने का आरोप लगाया और उन पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। इस बीच नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी जवान नरेश जाट के परिवार के साथ 3 दिनों से जोधपुर में धरने पर बैठे थे।

रविवार रात से ही परिवार व अन्य समाज के लोग महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में धरना देकर केंद्र सरकार से जवान नरेश जाट की मौत के लिए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस बीच गुरुवार को दिल्ली से सीआरपीएफ ट्रेनिंग की एडीजी रश्मि शुक्ला जोधपुर पहुंचीं और 3 घंटे की वार्ता के बाद जवान के परिवार व सांसद की सभी मांगों को मान लिया गया।

एडीजी रश्मि शुक्ला के साथ नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल जवान नरेश जाट के पिता ने 3 घंटे तक जोधपुर के सर्किट हाउस में बातचीत की है। इसके बाद एक प्रेस वार्ता कर बताया गया कि जोधपुर सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के डीआईजी सहित 9 जवानों का ट्रांसफर कर दिया गया है। साथ ही मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश भी जारी कर दिए हैं। एडीजी रश्मि शुक्ला ने बताया कि जोधपुर में हुए 3 अन्य जवानों के आत्महत्या की भी जांच करवाई जाएगी। 

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बताया कि सीआरपीएफ व केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ जवान नरेश जाट की पत्नी को सरकारी नौकरी व 25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके साथ ही जवान नरेश जाट की पत्नी को पेंशन भी मिलती रहेगी। इस समझौते के बाद परिवार ने 4 दिन बाद जवान नरेश जाट के शव को गांव ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।