एक साल की उम्र में हुए बाल विवाह के 20 साल बाद जन्मदिन पर मिला अभिशाप से मुक्ति का उपहार

 
20 years after child marriage at the age of one year, gift of freedom from curse received on birthday

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur of Rajasthan) में मात्र एक साल की अबोध उम्र में बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ी रेखा (At the age of one year, the line is tied in the chains of child marriage.) को 20 साल की जद्दोजहद झेलने के बाद आखिरकार जन्मदिन पर बाल विवाह निरस्त का उपहार (After 20 years of struggle, finally the gift of annulment of child marriage on the birthday) मिल ही गया। सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी व पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डा. कृति भारती के संबल के बाद रेखा ने बाल विवाह से मुक्ति के लिए पारिवारिक न्यायालय में बाल विवाह निरस्त की गुहार लगाई थी। जिस पर जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या- दो के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने बाल विवाह की कुरीति के खिलाफ कड़ा संदेश देकर रेखा के बाल विवाह निरस्त का ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

जोधपुर निवासी करीब 21 वर्षीय बालिका वधु रेखा वर्ष 2002 में दादाजी के मौसर पर जोधपुर के एक गांव निवासी युवक के साथ बाल विवाह के शिकंजे में जकड़ी थी। बाल विवाह के समय रेखा की उम्र महज एक साल की ही थी। रेखा के ससुराल वालों ने कुछ सालों पहले लगातार गौना कर विदा करने का दबाव बनाया। जिससे रेखा को खुद के एएनएम बनने का सपना ख्वाब टूटता दिखा तो अवसाद में घिर गई। 

उधर, ससुराल वालों ने 10 लाख रुपये जाति दंड तक के फरमान से दबाव बनवा दिया। इस बीच, बालिका वधु रेखा को सारथी ट्रस्ट की बाल विवाह निरस्त की मुहिम के बारे में जानकारी मिली। रेखा ने सारथी ट्रस्ट की मदद से जोधपुर पारिवारिक न्यायालय में बाल विवाह निरस्त की गुहार लगा कर वाद दायर किया।

कृति भारती ने पारिवारिक न्यायालय में पैरवी करते हुए बाल विवाह और आयु प्रमाण के तथ्यों से अवगत करवाया। जिस पर पारिवारिक न्यायालय संख्या दो के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने करीब 20 साल पहले रेखा के महज एक साल की उम्र में हुए बाल विवाह को निरस्त करने का आदेश सुनाया। न्यायाधीश मोदी ने बाल विवाह की कुरीति के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक सदी से बाल विवाह की कुरीति को नहीं मिटा पाए हैं। अब सभी को मिलकर बाल विवाह को जड़ से मिटाने का संकल्प लेना चाहिए।

कृति भारती ने कहा कि रेखा को जन्मदिन पर बाल विवाह निरस्त का उपहार मिला है। अब बाल विवाह निरस्त होने के बाद उसके एएनएम बनने का सपना पूरा हो पाएगा। उसके बेहतर पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं।