राष्ट्रीय लोक अदालत में 292 फोजदारी,12 दीवानी, 24 एनआई एक्ट के मामलो का निपटारा, दम्पत्ति को साथ रहने के लिए किया राजी

 
Settlement of 292 criminal, 12 civil, 24 NI Act cases in National Lok Adalat, persuaded the couple to live together

झालावाड़/भवानीमंडी, (अ. सलीम मंसूरी) । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति शिवचरण मीणा अपर जिला सेशन न्यायाधीश भवानीमंडी के निर्देशन में तालुका शहर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मई 2022 को किया गया, जिसमें राजीनामा योग्य प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

 लोक अदालत के माध्यम से पारिवारिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत के माध्यम से जे.एम. कोर्ट भवानीमंडी के पारिवारिक प्रकरण धारा 125 जाब्ता फौजदारी का जिसमें सुमित्रा बाई पत्नी वकील दोनों के बीच मतभेद हो जाने के कारण उनके द्वारा वर्ष 2019 में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट भवानीमंडी में 125 जाब्ता फोजदारी का प्रार्थना पत्र पेश किया था जो साक्ष्य प्रार्थना में चल रहा था दोनों को लोक अदालत में तलब किया गया एवं बेंच संख्या 02 की अध्यक्ष जया अग्रवाल और बेंच सदस्य भरत पुरोहित द्वारा समझाइश की गई समझाइश से दोनों साथ रहने के लिए तैयार हो गए।

 इसी प्रकार सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट भवानी मंडी का एक दीवानी प्रकरण जो वर्ष 2012 से लंबित था जिसमें चार भाइयों के मध्य विवाद चल रहा था उसे भी राष्ट्रीय लोक अदालत में समझाइश के माध्यम से निस्तारित करवाया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में 10 वर्ष पुराने दीवानी वाद का भी निस्तारण हुआ। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश शिवचरण मीणा की अध्यक्षता में गठित बेंच संख्या 1 में एमएससीटी के 5 प्रकरण एवं रेवेन्यू के 9 प्रकरणो में राजीनामा के माध्यम से निस्तारण किया गया।

राजीनामा हेतु लोक अदालत में अधिवक्ता बार अध्यक्ष सचिन राजावत, हेमराज शर्मा, रमेश चंद नागर, मंजूर अहमद, कैलाश जैन, इंद्र सिंह लोर अनूप पाटीदार, राजेश गुप्ता, लोकेश गुप्ता, विमल नाहर, विकास पाटीदार, सतीश गुप्ता, स्वतंत्र व्यास, विधान चंद्र भटनागर आदि ने सहयोग प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त एमएससीटी के 5 प्रकरणों का निस्तारण किया जा कर 2390000 रुपए का पक्ष कारों में समझौता कराया गया इसी प्रकार फौजदारी के 292 प्रकरण, दीवानी के 12 प्रकरण, 138 एन आई एक्ट के 24 प्रकरणों का निस्तारण किया जा कर 5615570 रुपए का पक्ष कारों में समझौता कराया गया तथा प्रिलिटिगेशन में बैंकों के प्रकरण, रेवेन्यू प्रकरण, तथा बीएसएनएल के 1679 प्रकरणों में 3105882 रुपए वसूल कराए गए इस प्रकार कुल 2034 प्रकरणों का निस्तारण किया एवं राशि 11111450/- का लोक अदालत में समझौता करवाया गया। 

लोक अदालत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक भारत संचार निगम लिमिटेड आदि के प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित हुए।

तालुका मुख्यालय पर दो बेंचों का गठन किया गया जिसमें शिवचरण मीणा अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, जया अग्रवाल सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट भवानी मंडी की अध्यक्षता में एवं बेंच सदस्य शंभू दयाल मित्तल तथा भरत पुरोहित के सहयोग से लोक अदालत में पक्षकारों के मध्य राजीनामे कराए गए। जिसमें अभिभाषक परिषद भवानी मंडी के बार अध्यक्ष सचिन राजावत एवं समस्त अधिवक्ता गण द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।