मनरेगा में घोटाला : फर्जी मजदूर दिखाकर मॉडल तालाब कार्य में किया लाखों की हेराफेरी का खेल

-ग्रामपंचायत सरखेड़ी का मामला, मनरेगा मजदूरों ने सरपंच पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
 
Scam in MNREGA: A game of misappropriation of lakhs was done in model pond work by showing fake laborers

झालावाड़, (राहुल राठौर) । जिले की सबसे बड़ी पंचायत समिति पिड़ावा की ग्राम पंचायत सरखेड़ी (Gram Panchayat Sarkhedi of Panchayat Samiti Pidawa) में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme) (मनरेगा) के तहत हुए मॉडल तालाब निर्माण कार्य में लाखों का घोटाला (Scam of lakhs in model pond construction work) किये जाने का मामला सामने आया है। ऑनलाइन सिस्टम में सेंधमारी कर फर्जी मजदूर, फर्जी काम की एंट्री करके लाखों रुपए का पेमेंट उठाया गया है। पिछले कई सालों से यह खेल चल रहा था। मिडिया ने मौके पर की पड़ताल में यह सामने आया कि इस घोटाले में सरपंच, सचिव से लेकर पंचायत स्तर के आला अफसर शामिल होने की सेभावना को नकारा नहीं जा सकता। 

यह था पूरा मामला-
ग्राम पंचायत सरखेड़ी के मॉडल तालाब निर्माण कार्य खड़कपुरा रोड के पास लक्ष्मीपुरा में मनरेगा योजना में 31 मार्च 2022 को 14.32लाख रुपए की स्वीकृति ग्राम पंचायत सर खेड़ी को प्राप्त हुई थी, ग्राम पंचायत द्वारा फर्जी मस्टरोल चलाकर 11 जून 2022 से 10 मस्टरोल एवं 26 मई 2022 से 10 जून 2022 तक चार मस्टरोल कुल 14 मस्टरोल चलाई गई। जिसमें 1353 मानव दिवस का कार्य दिखाते हुए 250226 रुपए का भुगतान उठा लिया गया। 

वही वार्ड पंच कंकू बाई ग्रामीण भंवर सिंह, देवीलाल, अनीता बाई, गंगाबाई, सज्जन बाई, गायत्री बाई, कमलाबाई भगवत बाई, इंदर सिंह, नाथू सिंह, शिवलाल, गोपाल लाल, प्रेम सिंह, नारायण सिंह समेत दर्जनों मनरेगा मजदूरों ने मीडिया को बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा 145 जॉब कार्ड चलाए गए जिनसे प्रति जॉब कार्ड 500 रुपये मेट सुल्तान सिंह ने वसूल कर सरपंच को दिए गए। मौके पर तालाब में कोई कार्य नहीं हुआ और फर्जी तरीके से भुगतान उठा कर लाखों रुपए का सरकार को चूना लगाया गया।

 ग्रामीणों ने बताया कि यह तो एक मामला है यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो ग्राम पंचायत सरखेड़ी का घोटाला करोड़ों रुपए के आसपास पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया की मस्टरोल संख्या 8571 ,8572 ,8573 की 30 मजदूरों की मस्टरोल जारी हुई थी लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा खाली जमा करवा दी गई। जबकि ग्रामीणों से प्रति जॉब कार्ड 500 रुपये के हिसाब से मेट द्वारा लिए गए, फिर भी हमारे खाते में कोई भी राशि नहीं आई।

इस बारे में विकास अधिकारी संजय प्रतिहार ने बताया कि सोमवार से निरक्षण करवा कर जांच की जाएगी।