भवानीमण्डी : 14 मई राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर आनलाईन व आफ लाईन प्री-काउंसलिंग

- बिना हार जीत के लम्बित प्रकरण सुलझाने का सुनहरा अवसर 
 
Bhawani Mandi: On May 14, online and off-line pre-counselling regarding National Lok Adalat

झालावाड़/भवानीमण्डी, (अ. सलीम मंसूरी)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अर्चना अग्रवाल जिला एवं सेशन न्यायाधीश झालावाड़ के मार्गदर्शन में 14 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी । उक्त लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरण एवं विभिन्न बैंकों के वसूली संबंधी लंबित एवं प्री लिटिगेशन प्रकरणों को रखा जाकर उनका निस्तारण किया जाएगा।

 इस लोक अदालत की विशेषता यह है कि इसमें बैंक ऋणों की वसूली पर राजस्थान कृषि साख प्रचलन (कठिनाई एवं निवारण) नियम (रोड़ा एक्ट) 1976 में राजस्व एजेंसी के माध्यम से निस्तारण करवाए जाने पर राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्धारित देय कमीशन राज्य में लगने वाली लोक अदालतों के राजीनामा/फैसलों में देय नहीं होगा। उक्त आदेश राजस्थान सरकार ,राजस्व (ग्रुप-2) विभाग ,द्वारा 10 मार्च 2022 को लागू किया गया था।

इसी आदेश के अनुसरण में एक प्रकरण 12 मार्च 2022 को आयोजित की गई प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किया गया था। जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा भवानी मंडी में एक पक्षकार के पांच खाते थे जिसमे बैंक का ब्याज सहित ₹91 लाख बकाया था। जिसके प्रकरण रोड़ा एक्ट में उपखंड मजिस्ट्रेट भवानी मंडी व ऋण वसूली अधिकरण जयपुर में लंबित थे । इस पक्षकार के प्रकरण को राष्ट्रीय लोक अदालत 12 मार्च 2022 में रखवाकर ऋण वसूली अधिकरण जयपुर में बेंच द्वारा  राशि 42 लाख रुपए में समझौता कर प्रकरण का निस्तारण किया गया। जिससे पक्षकार को 5प्रतिशत कमीशन के हिसाब से लगभग ₹3,09,792 राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों को कमीशन नहीं देना पड़ा और पक्ष कार का लगभग ₹300000 का लाभ हुआ। 

इसके अतिरिक्त लोक अदालत में प्रकरण रखने के बाद दोनों पक्षों में राजीनामा होने पर हाथों-हाथ हाथ प्रकरण का निस्तारण हो जाता है। जिससे पक्षकारान को अनावश्यक न्यायालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं तथा लोक अदालत मे निपटने वाले प्रकरणों की अपील भी नहीं होती है तथा अनावश्यक खर्चों की बचत होती है। लोक अदालत एक ऐसा माध्यम है जहां न्यायालय में लंबित विवादों एवं प्री लिटिगेशन प्रकरणो का सौहार्दपूर्ण तरीके से समझाइश के माध्यम से निस्तारण किया जाता है जो सभी पक्षकारान को बाध्यकारी होता है।

इसी क्रम में रालसा जयपुर के निर्देशानुसार पक्षकारान वह बैंक अधिकारियों के मध्य 9 मई 2022 से 13 मई 2022 तक निरंतर ऑनलाइन व ऑफलाइन प्री काउंसलिंग करवाई जाकर प्रकरणों के निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।

अत आमजन से अपील की जाती है कि वे आज ही अपने प्रकरण को राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मई 2022 में रखवाये व अपने प्रकरण का निस्तारण राजीनामे के माध्यम से करवा कर इस अवसर का लाभ उठाएं और विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करवाएं।