जयपुर राजघराने का 15 हजार करोड़ की सम्पत्ति विवाद सुलझा, वर्ष 2009 में हुआ था गायत्री देवी के निधन

 
जयपुर राजघराने का 15 हजार करोड़ की सम्पत्ति विवाद सुलझा, वर्ष 2009 में हुआ था गायत्री देवी के निधन

जयपुर। जयपुर की पूर्व राजमाता गायत्री देवी के निधन के बाद से चल रहा जयपुर के राजघराने का 15 हजार करोड़ का संपत्ति विवाद अदालत के बाहर सुलझ गया है। यह लड़ाई राजमाता गायत्री देवी के पोते-पोती और उनके सौतेले बेटे पृथ्वी राज सिंह के बेटे विजीत सिंह और अन्य पक्षकारों के बीच चल रही थी। समझौते के मुताबिक गायत्री देवी के पोते देवराज सिंह और पोती लालित्या कुमारी को जयमहल पैलेस का पूरा मालिकाना हक मिलेगा। इसकी एवज में उन्हें रामबाग पैलेस में अपने पिता की हिस्सेदारी छोडऩी होगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2009 में गायत्री देवी के निधन के बाद से ही पूर्व राजपरिवार में विवाद चल रहा था। देवराज और लालित्य प्रॉपर्टी पर हक जताते हुए मामले को पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट ले गए थे। अब दोनों पक्षों के कोर्ट के बाहर समझौता करने से इस विवाद के खत्म होने के आसार हैं।

जयपुर के महाराज सवाई मान सिंह द्वितीय की दूसरी पत्नी किशोर कंवर के बेटे पृथ्वी सिंह के बेटे विजीत सिंह को रामबाग पैलेस और इससे जुड़ी दूसरी प्रॉपर्टियां मिलेंगी। पृथ्वी सिंह गायत्री देवी के सौतेले बेटे थे। इसी में किशोर कंवर के दूसरे बेटे जय सिंह की भी हिस्सेदारी है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। रामबाग पैलेस और जय महल पैलेस में टाटा ग्रुप 5 स्टार होटल चला रहा है। यह संपत्ति 15 हजार करोड़ से ज्यादा की बताई जा रही है।