शकरगढ़ थाने में दर्ज एक मामले में पीड़ित न्याय की आस लेकर दर-दर भटकने को मजबूर

- कार्रवाई करने की बजाय थानाधिकारी जांच का हवाला दे रहे है।
- पीड़ित व उसका परिवार डर और भय के साये में जी रहा है।
 
भूमि का विवाद थाने तक पहुंचा।

जयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शकरगढ़ थाना इलाके में स्थित भूमि का विवाद थाने तक पहुंचा। जिस पर स्थानीय थाना पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन जांच के नाम पर मामले को लटकाया जा रहा है। जिससे पीड़ित न्याय की आस लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हो रहा है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश में पारदर्शी सुशासन देने की बात कहते आए हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को पीड़ित की फरियाद सुनने व उसपर न्याय संगत कार्यवाही करने के सख्त निर्देशित दिए हुए है। लेकिन जिले के शकरगढ़ थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 159/2021में कार्रवाई करने की बजाय थाना अधिकारी जांच का हवाला देकर मामले को रफादफा करने में लगे हैं। जबकि पीड़ित का कहना है कि उसने घटना के फोटो विडियो सहित सभी साक्ष्य उपलब्ध करा दिये है। 

परिवादी कैलाश नाथ पिता बंशीनाथ निवासी शकरगढ़ तहसील जहाजपुर जिला भीलवाड़ा ने उपखंड अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को कार्यवाही के लिए अवगत कराया है, लेकिन उसे इंसाफ नहीं मिल रहा है। पीड़ित ने बताया कि उसके ग्राम शकरगढ़ में आ. न. 70, 71, 73 बंशीनाथ के नाम खातेदारी दर्ज है। जिनके विरुद्ध प्रार्थी ने पैतृक संपत्ति होने से अपने हक और हिस्से के लिए एसडीओ कोर्ट जहाजपुर में दावा किया, उसमें फरियादी के पक्ष में एसडीओ कोर्ट जहाजपुर, आरएए भीलवाड़ा व रेवेन्यू बोर्ड से स्थगन आदेश जारी हुए थे। दावे के दौरान ही शकरगढ़ निवासी किशोर शर्मा ने उक्त भूमि के कुछ हिस्से की रजिस्ट्री बिना कब्जा लिए करवा ली। जिस पर परिवादी ने किशोर शर्मा के विरुद्ध रजिस्ट्री कैंसिल करवाने का दावा किया जिसमें स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है। जैसे ही सिविल न्यायालय से स्थगन आदेश हुआ तो किशोर शर्मा ने प्रार्थी के कब्जा कास्त की भूमि पर से कब्जा हटाकर कब्जा करने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी कहासुनी हुई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उक्त घटना की को लेकर पीड़ित ने शकरगढ़ थाने में रिपोर्ट सौंपकर जानमाल की रक्षा करने की मांग की। जिस पर शकरगढ़ थाना पुलिस ने मुकदमा कायम कर लिया।

लेकिन पुलिस मामले को न्यायालय विचारधीन होने व जांच किये जाने का हवाला देकर कार्यवाही नहीं की जा रही है। पीड़ित कैलाश नाथ का आरोप है कि उसपर बार-बार राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोपी उक्त भूमि पर कब्जा करने की फिराक में है तथा प्रार्थी व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे है जिससे पीड़ित का परिवार डर और भय के साये में जी रहा है। शकरगढ़ थाना पुलिस की ओर से कार्यवाही नहीं किये जाने से उक्त लोगों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपी किशोर शर्मा प्रभावशाली होने के कारण पुलिस कार्यवाही करने से कतरा रही है, वहीं मेरे वह मेरे परिवार पर जान का खतरा मंडरा रहा है।

थानाधिकारी बोलें- मामले की जांच की जा रही है
उक्त मामले में शकरगढ़ थाना अधिकारी छोटू लाल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। तहसीलदार को पत्र लिखकर कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं। जांच पूर्ण होते ही दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।