बढ़ती मंहगाई से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिक स्थिति बिगडऩे से फीका पडा दिवाली का त्यौहार

 
दुकानों पर लोगों की पहले जैसी भीड नहीं जुट रही

जयपुर/चाकसू, (मुकेश यादव)। चाकसू उपखंड क्षेत्र के तामडिया, कादेडा,भोज्याडा, टूमली का बास, सवाई माधोसिंहपुरा, थली,बाढ बागपुरा सहित आसपास के गांवों के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार दीपावली के त्यौहार पर बढती मंहगाई के कारण जरूरत का सामान खरीदने से भी कतरा रहे हैं।

लोगों ने बताया की डीजल,पेट्रोल व रसोई गैस की आये दिन बढती कीमतों से ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों का घरेलू बजट पहले से ही गडबडा रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढती कीमतों के कारण जरूरत के खाने पीने के सामान भी मंहगे हो गए। रही सही लोगों की कमर तोडऩे की कसर अभी कुछ दिन पहले हुई बारिश ने कर दी। लगभग 60 से 70प्रतिशत किसानों ने सरसों की लगभग बुवाई पुरी कर ली थी। जिसके बाद हुई बारिश से दुबारा हुई बुवाई व महगे खाद-बीज व डीजल के कारण किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई। कई लोगों से बातचीत करने से पता चला की जो लोग त्योहारों पर 5 हजार से ज्यादा की खरीददारी करते थे वो इस बार जरूरत के अनुसार 1000 से 1500 तक मे काम चलाने पर विवश हैं।

दुकानदारों का कहना-कादेडा किराणे के थोक विक्रेता अशोक कुमार खण्डेलवाल ने कहा की इस बार दीपावली पर पहले जैसी चहल पहल नहीं होने व महगाई के कारण पिछली बार से लगभग 30 से 40ः तक कम ब्रिकी होने से हमारा भी घर परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।                                  
तामडिया मे किराने की दुकान चलाने वाले शंकर लाल यादव व राजू लाल मीणा ने बताया की लोगों की आर्थिक स्थिति खराब होने व कोरोना के कारण काम धन्धे ठप्प होने के कारण लोग जरूरत के हिसाब से ही खाने पीने व अन्य सामान ले रहे है।इस बार दुकानों पर लोगों की पहले जैसी भीड नहीं जुट रही।