दहेज प्रथा के खिलाफ चाकसू में हुई शादी पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी, समाज में पेश की मिसाल

 
The marriage held in Chaksu against the dowry system became a topic of discussion in the whole city, set an example in the society

राजस्थान । जयपुर जिले के चाकसू नगरपालिका चेयरमैन कमलेश बैरवा (Kamlesh Bairwa, chairman of Chaksu Municipality of Jaipur district) ने अपने भाई की शादी में बिना दहेज लिए शगुन का एक रुपया और नारियल लेकर मिसाल पेश की (Set an example in brother's marriage by taking one rupee and coconut without taking dowry) है और समाज में दहेज प्रथा को मिटाने का अच्छा संदेश दिया (Gave a good message to eradicate dowry system in the society) है।

चाकसू नगरपालिका चेयरमैन कमलेश बैरवा ने अपने भाई विमलेश की शादी बिना दहेज कर मिसाल पेश की है, वधु पक्ष से शगुन के रुप में केवल एक रुपया और नारियल लेकर शादी कर समाज में संदेश दिया है। 

दौसा के मलारना निवासी स्वण् रामगोपाल की बेटी माया से चाकसू निवासी मोतीलाल के बेटे विमलेश की शादी हुई। वधु पक्ष ने फेरे की रस्मों के बीच लेनदेन, नकदी सहित सभी रीति-रिवाज पूरे करने की बात रखी, लेकिन दूल्हे के पिता मोतीलाल, भाई कमलेश बैरवा ने शादी में हर चीज लेने के लिए साफ मना कर दिया। 

नगरपालिका चेयरमैन कमलेश बैरवा ने बताया कि उन्हें ये प्रेरणा बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर और अपने गुरु क्षेत्रीय विधायक वेदप्रकाश सोलंकी से मिली। कमलेश बैरवा ने अन्य लोगों से भी आह्वान किया कि वे दहेज जैसी सामाजिक बुराई को मिटाने का काम करें। दहेज लेना या देना एक सामाजिक बुराई है, जो युवा पीढ़ी को खोखला बना रही है। इसे समाज से खत्म करने के लिए ऐसी शादियां जरूरी हैं। 

चाकसू कस्बे के निवासी जगदीश मास्टर, हाजी जुमरदीन, राजेश खटाना, मुकेश रेसवाल समेत चाकसू और दौसा के कई लोगों ने नगरपालिका चेयरमैन कमलेश बैरवा के द्वारा की गई इस पहल की सराहना की और बधाई दी, जिन्होंने रूढ़िवादी सोच को बदलने का काम किया है।