विश्व युवा कौशल दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह- जिसके पास हुनर है, वह किसी का मोहताज नहीं: चांदना

 - प्रदेश को कौशल विकास में अग्रणी बनाने का प्रयास
 
State Level Celebrations on World Youth Skills Day - The one who has the talent is not interested in anyone: Chandna

जयपुर। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता राज्य मंत्री अशोक चांदना (Minister of State for Skill, Planning and Entrepreneurship Ashok Chandna) ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास का माहौल तैयार कर राजस्थान को अग्रणी प्रदेश बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कौशल को भविष्य बताते हुए कहा कि जिसके हाथ में हुनर है, वह किसी का मोहताज नहीं (One who has talent in his hand, he is not interested in anyone) है। चांदना शुक्रवार को यहां जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान सभागार में विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।

State Level Celebrations on World Youth Skills Day - The one who has the talent is not interested in anyone: Chandna

चांदना ने कहा कि हमारे देश में सबसे ज्यादा युवा जनसंख्या है जिनमें अपार संभावनाएं और क्षमताएं है। उनमें बड़ा से बड़ा कौशल अर्जित करने की क्षमता है। हम उन्हें कुशल बनाकर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की आईटीआई में प्रशिक्षित युवा भारतीय रेल, मेट्रो और नामी कंपनियों में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड की वजह से खेल और कौशल क्षेत्र काफी प्रभावित हुए थे, लेकिन अब स्थिति पुनः सामान्य हो गई है और विभिन्न कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने रिक्रूट, ट्रेंड एंड डिप्लॉय (आरटीडी) प्रशिक्षण मॉडल के तहत विभिन्न कम्पनियों के साथ हुए एमओयू को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे कंपनियों को प्रशिक्षित मानव संसाधन और युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा। 

श्रम राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने कौशल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि युवा अपनी पसंद के क्षेत्र में कौशल अर्जित कर आगे बढ़ें और अन्य युवाओं को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि तकनीकी युग में कोई भी कौशल सीखना आसान हो गया है।

शासन सचिव डॉ. आरूषी मलिक ने कहा कि राजस्थान आरंभ से ही कौशल के क्षेत्र में दूरदर्शी सोच के साथ कार्य कर रहा है। आरएसएलडीसी के माध्यम से 5 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाया जा चुका है। कौशल विकास के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को सशक्त किया जा रहा है। राज्य में भिक्षुकों को प्रशिक्षित कर रोजगार दिलाया जा चुका है, जो समाज की मुख्य धारा से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। समारोह में पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुश्री अवनी लेखरा और हस्त शिल्पकार एवं फैशन डिजाइनर श्रीमती रूमा देवी उपस्थित थीं।

आरटीडी मॉडल के तहत चार एमओयू
समारोह में रिक्रूट, ट्रेंड एंड डिप्लॉय (आरटीडी) प्रशिक्षण मॉडल के तहत एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स, ईकॉम एक्सप्रेस लिमिटेड, स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स एवं वीप्रो जीई हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू किया गया। शासन सचिव डॉ. आरूषी मलिक एवं कंपनी प्रतिनिधियों ने इन पर हस्ताक्षर किए। 100 करोड़ रुपए से अधिक टर्न ओवर एवं 200 से अधिक लोगों को रोजगार देने की क्षमता रखने वाली यह कंपनियां युवाओं का चयन कर आरएसएलडीसी के आर्थिक सहयोग से प्रशिक्षण देगी और फिर अपनी ही संस्थान में रोजगार उपलब्ध कराएगी।

स्किल एंबेसडर एवं यूथ आइकन्स सहित 97 जने सम्मानित
इस अवसर पर स्किल एंबेसडर के रूप में अशोक यादव को 25 हजार रुपए एवं 12 यूथ आइकन्स को 11-11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। साथ ही ब्रांड एंबेसडर, कौशल प्रतियोगिताओं के विजेता तथा निगम से कौशल प्रशिक्षित एवं रोजगार-स्वरोजगार से जुड़े दिव्यांगजन, महिला एवं भिक्षुकों सहित 97 जनों का सम्मान किया गया।