जयपुर : शाही अंदाज में चांदी के रथ पर सवार सोने के जेवरों से लदी तीज माता की भारी लवाजमें के साथ निकली

 
Jaipur: Teej, laden with gold ornaments riding on a silver chariot in royal style, came out with heavy lavage of Mata.

जयपुर। राजस्थान के जयपुर में चांदी के रथ में सवार सोने के जेवरों से लदी तीज माता की सवारी (Ride of Teej Mata laden with gold ornaments riding in a silver chariot in Jaipur) शाही अंदाज में भारी लवाजमें के साथ निकली। सवारी सिटी पैलेस से निकालकर जयपुर की सैर कराई जा रही है। सवारी के दौरान मांगणियार लोक गायन, मयूर डांस और राधा कृष्ण की झांकी देखने को मिल रही है। तकरीबन डेढ़ सौ कलाकारों ने राजस्थानी अंदाज में अपनी प्रस्तुतियां दी है। 

Jaipur: Teej, laden with gold ornaments riding on a silver chariot in royal style, came out with heavy lavage of Mata.

कोरोना के कारण 2 साल बाद जयपुर शहर में तीज का रंग फिर से चढा है।  गुलाबी शहर लहरिए के रंग में रंगता दिखाई दिया है। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर तीज मामता की सवारी देखने के लिए जमा हुए। भारी पुलिस जाप्ता भीड़ काबू करने के लिए लगाया गया। कोरोनावायरस के कारण 2 साल तक तीज माता की सवारी नहीं निकाली गई।  

राजस्थान में जयपुर शहर की तीज सबसे अनोखी रहती है। जयपुर शहर में तीज का मेला देखने के लिए हजारों की संख्या में जनता तो आती ही है, साथ ही विदेशी मेहमान भी तीज के रंग में रंग जाते हैं। पर्यटन विभाग की तरफ से विदेशियों के लिए तीज माता की सवारी के दीदार का विशेष बंदोबस्त किया जाता है। 
तीज माता की सवारी के लिए इस बार शहर ने पलक पावडे बिछा दिए, हाथ जोड़कर और जयकारों के साथ माता का स्वागत किया गया। ऊंट, हाथी और घोड़ों के लवाजमें के साथ जयपुर के नामी बैंड बाजों की धुन के बीच माता ने त्रिपोलिया बाजार गेट से शहर में कदम रखा। उसके बाद त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़ ,गणगौरी बाजार होते हुए माता की सवारी को तालकटोरा तक ले जाया गया।  हजारों की संख्या में लोग माता के जयकारे करते हुए दिखाई दिए । 

Jaipur: Teej, laden with gold ornaments riding on a silver chariot in royal style, came out with heavy lavage of Mata.

जयपुर की तीज की सवारी विश्व प्रसिद्ध है। इस बार भी इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग जयपुर पहुंचे हैं। साल में दो बार तीज और गणगौर की प्रतिमा को बाहर निकाला जाता है। पूर्व राजपरिवार की महिलाएं माता की पूजा अर्चना करती है। इसके बाद आम लोगों को दर्शन के लिए माता की सवारी को नगर भ्रमण पर निकाला जाता है। ऐसा कहा जाता है कि तीज माता के दर्शन करने पर हर मनोकामना पूर्ण होती है।

तीज के अवसर पर महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए तीज माता का व्रत करती हैं। चार-पांच दिन पहले ही तीज की तैयारियां शुरू हो जाती है। सिटी पैलेस में कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो चुकी थी। इसे देखने के लिए देसी विदेशी सैलानी जयपुर आते हैं। महिलाएं मेहंदी सजाती हैं। इस बार तीज की सवारी में सबसे आगे विशालकाय हाथी पर पचरंगा था। इसके बाद राज परिवार के सेवादार निकले। चार घोड़े और 6 बैल के साथ बग्गी व पालकी पर नगाड़े बजाते हुए तीज माता को त्रिपोलिया गेट से बाहर निकाला गया। शहर में तीज माता की सवारी शाही लवाजमें के साथ शान से निकाली जा रही है।