हथिनी गौरी को पसंदीदा मिठाई की जगह खिलाई कचौरी, दुकानदार को उठाकर पटका, अस्पताल में हुआ भर्ती

 
Hathini Gauri was fed Kachori instead of her favorite sweet, picked up the shopkeeper and slammed her, admitted to the hospital

जयपुर। जिले के आमेर में पसंदीदा मिठाई नहीं खिलाने हथिनी गौरी ने दुकानदार को उठाकर पटक दिया (The elephant Gauri picked up the shopkeeper and slammed her for not feeding her favorite sweets in Amer.)। हथनी का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ, उसने दुकानकार को सूंड में फंसाकर सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया। इससे दुकानदार घायल (shopkeeper injured) हो गया, उसे इलाज के लिए अस्पातल में भर्ती कराया गया है। 

आपको बतादें, हथिनी गौरी बीते 17 साल आमेर किले में आने वाले पर्यटकों को सवारी करा रही है। जब वह तीन साल की थी तब से लेकर अब तक गौरी हर सवारी के दौरान प्रसिद्ध मावा की गुंजी मिठाई खाती है। यह सिलसिला लगातार चला आ रहा था, लेकिन सोमवार को इसमें गड़बड़ हो गई और हमेशा शांत रहने वाली गौरी को गुस्सा आ गया। 

बताया जा रहा है कि सोमवार को गौरी मिठाई खाने के लिए रूपनारायण कूलवाल की दुकान पर गई थी। इस दौरान दुकानदार ने गौरी को मावे की गुंजी की जगह उसे गर्म और मसालेदार कचौरी खिला दी थी, जिससे वह नाराज हो गई। गौरी ने दुकानदार रूपनारायण कूलवाल को उठाकर सड़क पर पटक दिया। इससे उसकी पसली में चोट आई है। शहर के एक अस्पातल में उसका इलाज चल रहा है।

दरअसल, दुकानदार को भी पता था कि गौरी गुंजी की मिठाई ही खाती है, लेकिन सोमवार को दुकान पर आई हथिनी गौरी के साथ दो अन्य हाथी भी थे, ऐसे में दुकानदार ने गलती से गौरी को कचौरी खिला दी और उन दोनों हाथियों को मिठाई खिला दी। जिससे हमेशा शांत रहने वाली गौरी नाराज हो गई।  

गौरतलब है कि, इब्राहिम मंसूरी गौरी की मां को किसी दूसरे राज्य से लेकर आमेर आए थे। उस दौरान वह गर्भवती थी। गौरी का जन्म आमेर में ही हुआ है। 2002 में उसका जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया था। इसमें राजनेता सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।