बूंदी खदान में लाश मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दो हत्यारो को किया गिरफतार

 
murder

बूंदी। जिले के तालेड़ा थाना क्षेत्र के जाखमुंड में स्थित पानी से भरी हुई खदान में 22 सितंबर को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। शव मिलने के बाद पुलिस ने मृतक की शिनाख्त कराई, परिजनों की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर अनुसंधान करते हुए हत्यारों तक पहुंची पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

जिला पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा ने बताया कि 22 सितंबर को जाखंमंुड की खदान में एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा गला शव मिला था मौके पर थाना अधिकारी दिग्विजय सिंह मय जाब्ते के पहुंचे और शव को पानी से बाहर निकलवाया, लाश को अज्ञात व्यक्तियों ने मार कर हाथ पांव में लोहे की जंजीर से बांधकर गले में भारी-भरकम लोहा लटका कर पानी में फेंक दिया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।

लाश चार-पांच दिन पुरानी होने के कारण उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन तालेड़ा थाना पुलिस ने लाश के फोटो सोशल मीडिया पर भेज कर 24 घंटे में ही लाश की पहचान कर ली। लाश की पहचान आजाद उर्फ पवन पुत्र रामदेव कुमावत उम्र 25 साल निवासी बूंदी के रूप में हुई। अनुसंधान यह बात सामने आई कि मृतक आजाद उर्फ पवन का बूंदी निवासी भीमसेनी की लड़की से प्रेम प्रसंग था आजाद का मकान पहले भीमसेनी के पास में था, यह इनके घर आता जाता रहता था। मृतक आजाद और भीमसेनी की लड़की दोनों शादी करना चाहते थे।

लेकिन लड़की का पिता और उसका चाचा अर्जुन सैनी इसके लिए राजी नहीं थे, इसी कारण दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली तथा जयपुर हाईकोर्ट में रिट पिटिशन लगा दी। भीम सेनी व अर्जुन सैनी ने सोचा कि हाईकोर्ट में लड़की मृतक के पक्ष में बयान देगी इसलिए उन्होंने आजाद को बहला-फुसलाकर कोटा बुला लिया तथा उसको विश्वास दिलाया कि तुम दोनों की शादी करा देंगे और हमारे पास ही रख लेंगे,  आजाद इनकी बातों में आ गया और घटना से चार-पांच दिन पूर्व इनके साथ कोटा रहने लग गया। मौका पाकर 18 सितंबर को आरोपी अर्जुन सैनी पुत्र त्रिलोक चंद 33 साल निवासी बायपास रोड बूंदी रवि मालव पुत्र धनराज मालव उम्र 34 साल निवासी केशवपुरा कोटा व दो अन्य व्यक्ति स्कॉर्पियो गाड़ी में मृतक आजाद को हैंगिंग ब्रिज के पास ले गए। जहां आजाद को पहले शराब पिलाई, फिर गाड़ी में गला दबाकर मार दिया। लाश को जंजीरों में जकड़ कर व गले में भारी-भरकम लोहा लटकाकर जाखमुंड की पानी से भरी खदान में फेंक दिया।

अनुसंधान में सामने आया कि आरोपियों ने 2 महीने पहले ही आजाद को मारने की योजना बना ली थी इसीलिए उसे धोखे से कोटा बुला लिया। मृतक आजाद इनके डर से 2 महीने से जोधपुर में रह रहा था। आरोपियों ने बताया कि वे आजाद को मार कर ऐसी जगह डालना चाहते थे कि किसी को पता नहीं लगे, इसीलिए उन्होंने मृतक आजाद के गले में भारी भरकम लोहा लटकाया कि इसकी लाश ऊपर नहीं आयें और यह बात किसी को पता नहीं लगे। मृतक आजाद के ऊपर 50000 का कर्जा भी हो रहा था जो भी आरोपी भीम-अर्जुन ने चुकाया। ताकि आजाद को विश्वास हो जाए। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है, वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में गहन अनुसंधान किया जा रहा है।