बारां में प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविरों में ग्रामीणों की बरसों पुरानी समस्याये हाथो-हाथ सुलझी


सरकार को दिया दिल से धन्यवाद
 
ग्रामीणों की बरसों पुरानी समस्याये हाथो-हाथ सुलझी
 बारां। जिले के गांवों में आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ त्वरित मिले और उन्हें इसके लिए सरकारी दफ्तरों तक दौड़ नहीं लगानी पड़े इस संकल्प के साथ शुरू हुए प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत बारां जिले में लगे विभिन्न शिविरों में हर रोज ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। अभियान की सफलता का पता स्वतः ही चल जाता है, जब ग्रामीण राज्य सरकार के इस प्रयास के लिए धन्यवाद देते नहीं थकते। 

प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत उपखंड अंता की ग्राम पंचायत पचेलकलां में आयोजित शिविर में ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब बनवारी लाल कुम्हार को 32 वर्षों बाद भूमि पर खातेदारी का अधिकार मिला और खुशी से उसकी आंखे छलक गईं।

शिविर प्रभारी ने बताया कि परिवादी बनवारी लाल पुत्र गोबरीलाल कुम्हार ने शिविर में उपस्थित होकर भूमि के खातेदारी के अधिकार के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि 32 वर्ष पूर्व वर्ष 1989 में उनको 11 बिस्वा भूमि का आवंटन हुआ था, लेकिन वर्षों तक निरंतर प्रयास करने के बावजूद खातेदारी का अधिकार नहीं मिल पा रहा था। इस पर तहसीलदार एवं संबंधित पटवारी द्वारा आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति व जांच के बाद परिवादी बनवारी लाल को शिविर स्थल पर ही खातेदारी के अधिकार का दस्तावेज सौंपा गया। परिवादी बनवारी लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सारे अधिकारियों का बहुत धन्यवाद कि उन्होंने गांव में शिविर लगाया और बरसों के बाद मुझे जमीन की खातेदारी का अधिकार मिल गया।

आपसी सहमति से हुआ कृषि भूमि का बंटवारा
प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत उपखंड शाहबाद की गाम पंचायत नाटई में आयोजित शिविर में 3 बहनों के मध्य कृषि भूमि का आपसी सहमति से बंटवारा किया गया। शिविर प्रभारी ने बताया कि तीनों बहनों के मध्य कृषि भूमि के विवाद था। अधिकारियों द्वारा समझाइश के बाद तीनों ही बहनें सहमति से बंटवारे के लिए तैयार हुईं और लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया। शिविर में तीनों बहनों कालीदासी, नीला एवं आरती के मध्य कृषि भूमि का आपसी सहमति से बंटवारा कर दस्तावेज सौंपे गए। तीनों बहनें आपसी विवाद सुलझने से काफी प्रसन्न हुईं और राज्य सरकार द्वारा शिविर लगाए जाने की सराहना की।

तरूणा को मिला पालनहार का लाभ
जिले के उपखंड किशनगंज की ग्राम पंचायत भंवरगढ़ निवासी तरूणा पंजाबी के पति की मृत्यु कुछ समय पूर्व हो गई थी। विधवा तरूणा पर अकेले 3 बेटियों कनिष्का, रिद्धि व सिद्धि के पालन पोषण की जिम्मेदारी भी आ गई थी। संकट के इस दौर में तरूणा ने प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत ग्राम पंचायत भंवरगढ़ में आयोजित शिविर में उपस्थित होकर पालनहार योजना के तहत आवेदन किया। अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही तरूणा को पालनहार योजना का लाभ स्वीकृत कर दस्तावेज प्रदान किए गए। तरुणा का कहना है कि सरकार की मदद से उसे बालिकाओं की शिक्षा एवं जीवन यापन के लिए सहारा मिल गया। शिविर प्रभारी व एसडीएम गौरव मित्तल ने बताया कि विधवा तरूणा के पति की मृत्यु सायलेंट हार्ट अटैक से लगभग एक वर्ष पूर्व हो गई थी और उसे विधवा पेंशन का लाभ प्राप्त हो रहा है। शिविर में तरूणा की बेटियों के लिए राज्य सरकार की पालनहार योजना का लाभ स्वीकृत किया गया जिससे वह काफी प्रसन्न है।

40 बीघा भूमि का सहमति से हुआ बंटवारा
प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत उपखंड अंता की ग्राम पंचायत पचेलकलां में आयोजित शिविर में 40 बीघा भूमि का बंटवारा वारिसों में सहमति के आधार पर करते हुए दस्तावेज सौंपे गए। परिवादियों का कहना था कि शिविर के दौरान हाथों हाथ ही काम होने पर वे बेहद खुश हैं। उन्होंने राज्य सरकार और अधिकारियों को धन्यवाद दिया कि उन्हें इस कार्य के लिए कहीं जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी और ना ही वक्त खर्च करना पड़ा। शिविर प्रभारी व एसडीएम रजत कुमार विजयवर्गीय ने बताया कि शिविर में ग्राम सरकन्या निवासी स्वर्गीय धन्नालाल मीणा के 5 पुत्र रामदेव, ओमप्रकाश, शिशुपाल, कन्हैयालाल, घनश्याम एवं पुत्री दिलखुश मीणा ने उपस्थित होकर 40 बीघा भूमि के बंटवारे का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस पर तहसीलदार व पटवारी ने समस्त आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करते हुए परिवादियों के मध्य 40 बीघा भूमि का सहमति से बंटवारा करवाते हुए दस्तावेज प्रदान किये।

कजोड को सीड ड्रिल पर मिला अनुदान
भावपुरा के बुजुर्ग किसान कजोड सीड ड्रिल के अभाव में खेतीहर कार्य में असुविधा का सामना करते आ रहे थे। इस यंत्र की उन्हें इधर-उधर से व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ता था। छीपाबड़ौद उपखंड की भावपुरा ग्राम पंचायत में आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में उनकी इस समस्या का समाधान हो गया। कृषि विभाग की ओर से शिविर में उन्हें सीड ड्रिल यंत्र पर 13 हजार 400 रूपए अनुदान स्वीकृत कर दिया गया। उपखंड अधिकारी जनक सिंह ने उन्हें अनुदान राशि का चौक प्रदान किया। कजोड अब चिंता मुक्त हो गए हैं। वे अब हर वर्ष स्वयं की सीड ड्रिल यंत्र से कृषि कर सकेंगे। उन्होंने इसके लिए प्रशासन का आभार जताया है।

दंपति को मिली वृद्धावस्था पेंशन
दंपती ओमप्रकाश और विमला देवी को वृद्धावस्था पेंशन मिल जाने से आर्थिक संबल मिल गया है। एक साथ दोनों की पेंशन शुरू हो जाने पर दोनों ने खुश होते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। किशनगंज उपखंड की भंवरगढ ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में ओमप्रकाश अग्रवाल उनकी पत्नी विमला देवी के साथ पहुंचे थे। दोनों के आवेदन पर सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से तत्परता से कार्यवाही करते हुए दंपती की एक साथ वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति जारी कर दी। उपखंड अधिकारी गौरव मित्तल ने दोनों का पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किया।

दिव्यांग दम्पति को मिली ट्राई साइकिल, पालनहार योजना का लाभ भी मिला
सिलोरी गांव के दिव्यांग युवा दंपती शैतान सिंह और सुनीता पैरों से अपाहिज होने के कारण विकट परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। वे न सिर्फ कहीं आने जाने के लिए दूसरों पर निर्भर थे, बल्कि बच्चों का भरण पोषण भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण कार्य था। शाहबाद उपखंड की नाटई ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शुक्रवार को आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में दिव्यांग दंपती की स्थिति देखते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से दानों को ट्राई साइकिल स्वीकृत कर मौके पर ही प्रदान की गई। साथ ही पालनहार योजना के तहत आवेदन करवाते हुए इस योजना का भी लाभ प्रदान किया गया। इनकी पुत्री रोशनी आंगनबाड़ी में अध्ययनरत है। जबकि पुत्र की आयु दो वर्ष है। राज्य सरकार की ओर से शिविर में मिली सहायता से दंपती को बेहद राहत महसूस हुई। दोनों ने इसके लिए प्रशासन का शुक्रिया अदा किया।

कन्हैया को मिला रियायती बस पास
रूपारेल गांव के बुजुर्ग कन्हैयालाल के लिए आर्थिक तंगी के कारण से दूसरे गांव कस्बे की बस यात्रा करना बहुत महंगा पड़ता था। छबड़ा उपखंड की भूलोन ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में आवेदन करने पर राजस्थान राज्य पथ परिवहन विभाग की ओर से बुजुर्ग कन्हैयालाल को मौके पर ही रियायती दर पर बस यात्रा करने का पास जारी कर दिया गया। कन्हैयालाल अब कम किराये में रोडवेज बसों में सफर कर सकेंगे। कम पैसे में तीर्थ यात्रा कर पाने में भी इस पास से उन्हें सुविधा मिल सकेगी। बुजुर्ग ने इसके लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

सावित्री और शिमला को मिली परित्यक्ता पेंशन
पति का साथ छूटने के बाद से सावित्री बाई और शिमला सहरिया आय का कोई साधन नहीं होने से जीवन यापन के लिए संघर्ष कर रही थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोनों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। किशनगंज उपखंड की भंवरगढ़ ग्राम पंचायत में शुक्रवार को आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में दोनों महिलाओं से पेंशन के लिए आवेदन फार्म भरवाया गया। कुछ ही देर में दोनों महिलाओं को परित्यक्ता पेंशन स्वीकृत कर उन्हें इसका पत्र प्रदान कर दिया गया। इससे दोनों को अब हर माह नियमित रूप से पेंशन राशि मिल सकेगी और उन्हें जीवन यापन में सहारा मिलेगा।