बूंदी नवजीवन संघ कॉलोनी में दिन रात चल रहे अवैध निर्माण, स्थगन आदेश की हो रही अवहेलना

- वन्य जीव अभ्यारणय की भूमि पर भी बेरोकटोक अवैध निर्माण जारी
-उक्त भूमि पर बेरोकटोक जेसीबी मशीन चल रही है व बोरिंग किये जा रहे है।
 
उक्त भूमि पर बेरोकटोक बोरिंग किये जा रहे है।

बूंदी। शहर के नेनवां रोड़ स्थित नवजीवन संघ कॉलोनी के पदाधिकारियों ने पद पर रहते कॉलोनी के मूल ब्लूप्रिंट में परिवर्तन करते हुए पार्क, खेल मैदान, विद्यालय आदि जैसे सार्वजनिक हित की आरक्षित की गई भूमि को आवासीय एंव व्यवसायिक भूखंडों में विभक्त करते हुए आवंटित कर दिया। उक्त मामला न्यायालय सिविल न्यायाधीश बूंदी में मनीष गौतम बनाम नवजीवन संघ समिति व अन्य के बीच दीवानी प्रकरण संख्या 46/2019 पर 6 फरवरी 2021 को दिए आदेश अनुसार उक्त भूमि पर स्थगन आदेश जारी किया हुआ है। साथ ही उक्त नवजीवन संघ की भूमि के पीछे वन्यजीव अभ्यारणय की भूमि भी लगी हुई है, इसकी आड़ में नवजीवन संघ समिति से जुड़े पदाधिकारी खुलेआम भूखंड काटकर अवैध निर्माण करवा रहे हैं।

अवैध निर्माण करवा रहे हैं।

नवजीवन संघ कॉलोनी समिति शुरुआत से ही चर्चा में रहती आई है। सिविल न्यायालय द्वारा वाद के दौरान अप्रार्थी समिति पदाधिकारी द्वारा सार्वजनिक हितार्थ आरक्षित की गई भूमि को पूर्व अनुसार ही आवासीय व्यवसायिक भूखंड दो में विभक्त करते हुए बेचान कर दिया जो न केवल प्रार्थी अपितु नवजीवन कॉलोनी के प्रत्येक निवासियों के सार्वजनिक हितार्थ आरक्षित कई भूमि के उपयोग उपभोग के विधि एवं संवैधानिक अधिकारों का हनन होना माना। वहीं दूसरी ओर अप्रार्थी समिति पदाधिकारियों को अस्थाई निषेधाज्ञा से पाबंद किया है। 

अप्रार्थी पदाधिकारी किसी भी व्यक्ति को नवजीवन संघ एवं उसमें स्थित स्वयं के स्वामित्व के भूखंड का बेचान नहीं करें तथा नए पट्टे या पूर्व में जारी किए गए पट्टों का अंतरण व पंजीकरण नहीं करें, नाहीं ऐसा किसी अन्य से कराये। चुंकि प्रथम दृष्टया मामले की विवेचनानुसार अप्रार्थी पदाधिकारियों को द्वारा नवजीवन संघ कॉलोनी में कई अनियमितताएं कारित की गई है जिनकी जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा एवं इस प्रार्थना पत्र द्वारा संबधित मूल वाद में न्यायालय द्वारा किया जाना है। ऐसी स्थिति में संपुर्ण अभिलेख नगर परिषद को हस्तांतरित कर दिया जाता है तो भविष्य में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व सुनिश्चित करने दायित्वाधीन व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही करने में बाधा होगी। परिणाम स्वरूप अप्रार्थी पदाधिकारियों को इस आशय की अस्थाई निषेधाज्ञा से भी पाबंद किया गया है कि वे कॉलोनी के अभिलेख को नगर परिषद बूंदी को स्थानांतरित नहीं करें और जिन अभिलेखों को नगर परिषद बूंदी को दिया जा चुका है उनके संबंध में अप्रार्थी की संख्या 6 नगर परिषद बूंदी को आदेशात्मक निषेद्याज्ञा से पाबंद किया जाता है कि वह उन्हें अप्रार्थी पदाधिकारियों को आज से 1 माह के भीतर लौटा देने का आदेश पारित किया गया है। 
नवजीवन कॉलोनी के मुल नक्शे में पार्क, खेल, मैदान की जमीन पर भूखंड तो कांटे ही है साथ ही नवजीवन कॉलोनी के गेट नंबर 6 बालाजी के पीछे स्थित भुखंड संख्या ए 1 के पहले नगर परिषद की आरक्षित भूमि पर भी एक पदाधिकारी ने अतिक्रमण कर लिया है। साथ ही उक्त भूखंड आसपास की जमीन का बेचान कर दिया जो न्यायालय का निर्णय आने के बाद विवादों में आने के कारण निस्तारण नही होकर न्यायालय में चला गया है। जिससे नवजीवन संघ कॉलोनी समिति के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी संदेह के दायरे में है।

ये बोलें पदाधिकारी
इस मामले में नवजीवन संघ समिति के पदाधिकारी त्रिलोक चंद जैन से जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश की पूर्ण पालना की जा रही है किसी भी तरीके से वहां हो रहे निर्माण अवैध नहीं है।

सख्त कार्यवाही की जाएगी- डीएफओ
 वाइल्ड लाइफ डीएफओ कोटा आलोक गुप्ता ने कहा कि वन्य जीव अभ्यारणय की भूमि पर अवैध निर्माण एंव अतिक्रमण होने की बात सामने आई है उक्त मामले में स्थानीय अधिकारियों को आदेश देकर सख्त कार्यवाही की जाएगी।