राजस्थान में ग्रीन दिवाली की पहल बेअसर, अजमेर,कोटा, जयपुर, जोधपुर का बढ़ा प्रदूषण, जाने- अपने जिले का हाल

 
बढ़ा प्रदूषण

जयपुर। राजस्थान प्रदेश में दिवाली की रात लोगों ने जमकर जश्न मनाया। दो घंटे की छूट के बावजूद रात भर खूब आतिशबाजी की। इस बार ग्रीन दिवाली की जो पहल की जा रही थी, उस पहल और लोगों की अपील का कोई असर प्रदूषण के आंकड़ों पर नजर नहीं आया। दिवाली की रात की गई आतिशबाजी की वजह से प्रदेशभर में प्रदूषण में एकदम से उछाल आया है। राजधानी जयपुर में जहां दो दिन पहले नेशनल एयर क्वालिटी (AQI) 140 था, वहां अब प्रदूषण स्तर इतना बढा कि वो 340 के पार हो गया। AQI का स्तर जोधपुर में भी 330 के पार है। इसके अलवा प्रदेश के सभी बड़े शहरों में हालात चिंता जनक हैं।

राजस्थान के स्वास्थय विभाग की मानें तो प्रदूषण का स्तर कम होने तक अस्थमा, सांस संबंधी बिमारी और पोस्ट कोविड से जूझ रहे लोगों को बेहद एहतियात बरतने की ज़रूरत है। इस साल प्रदूषण का स्तर पिछले दो साल से भी ज्यादा रहा है। ग्रीन पटाखों की सख्ती और रात में महज 8 से 10 बजे की आतिबाजी की पाबंदी के बावजूद राजधानी जयपुर में समेत प्रदेश के सभी बड़े शहरों में प्रदूषण का स्तर बेहद तेजी से बढ़ा है। प्रदेश के दोनों बड़े शहरों जयपुर और जोधपुर में आम दिनों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। जबकि कोटा में प्रदूषण का स्तर 245, अजमेर में 263, अलवर में 250 और उदयपुर में 235 AQI रहा है। कोटा, अजमेर, अलवर और उदयपुर में सामान्य दिनों से दोगुना प्रदूषण रहा है।

राजस्थान में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला शहर भिवाड़ी रहा है। यहां प्रदूषण का स्तर 408 को पार कर गया है। औसत पैमानों को देखा जाए तो 100 से ज्यादा AQI होने पर स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ना शुरू हो जाते हैं। लेकिन प्रदूषण में 300 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में प्रदूषण जितना ज्यादा होगा उसके नुकसान उतने ज्यादा होंगे। आज की स्थिति की 3 नवंबर से तुलना करेंगे तो दो दिन में प्रदूषण में बदलाव को आसानी से समझा जा सकेगा।

प्रदेश में 3 नवंबर को रहे प्रदूषण स्तर अनुसार जयपुर में 142, जोधपुर में 257, अजमेर में 142, उदयपुर में 146, पाली में 106, कोटा में 223, अलवर में 98, शाहपुरा में 213, भिवाड़ी में AQI 250 पर पहुंचा।

5 नवंबर सुबह प्रदेश में प्रदूषण का स्तर इस प्रकार रहा- जयपुर में 341, जोधपुर में 327, अजमेर में 259, उदयपुर में 236, पाली में 192, कोटा में 255, अलवर में 246, शाहपुरा में 298, भिवाड़ी में 408 AQI सर्वाधिक रहा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रदूषण के लाइव अपडेट में आंकड़ों को देखकर समझा जा सकता है कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से की गई कोशिशों का लोगों पर असर नहीं हुआ।