विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ ना करें सरकार - मनीष विजयवर्गीय

 
मनीष विजयवर्गीय

जयपुर। एक तरफ कोविड-19 संक्रमितों की संख्या का आंकड़ा बढ़ रहा है दूसरी तरफ प्रदेशभर के निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर ऑफलाइन कक्षाएं चालू रखी है, ऐसे में अभिभावक एकता संघ राजस्थान करीब 1 सप्ताह से विभिन्न स्तरों पर अपनी मांगों को उठा रहा है। संगठन के प्रदेश संयोजक मनीष विजयवर्गीय कहा की शिक्षा मंत्री डोटासरा, विद्यार्थी एवं अभिभावक विरोधी अपरिपक्व एवं निंदनीय बयान बाजी की बजाए ऑनलाइन कक्षाओं को तुरंत शुरू करने के लिए निजी स्कूलों को पाबंद कर प्रदेश के करीब डेढ़ करोड़ विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को राहत प्रदान करें।

सरकार ने शीघ्र उचित निर्णय नहीं लिया तो दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे
विजयवर्गीय ने कहा कि शिक्षा मंत्री डोटासरा की बयानबाजी और कार्यप्रणाली पूंजीवादी निजी स्कूलों को अप्रत्यक्ष प्रोत्साहन दे रही है, वह निजी स्कूलों के फीस संग्रहण अभियान का हिस्सा बन गई है, मुख्यमंत्री के समक्ष शिक्षा विभाग में तबादलों में भ्रष्टाचार के खुले आरोपों व ऑनलाइन कक्षाओं के संबंध में शिक्षा मंत्री डोटासरा की अपरिपक्व बयानबाजी पर भी मुख्यमंत्री की चुप्पी प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य एवं अभिभावकों की चिंता का कारण बनी है। तमाम अभिभावक संगठनों द्वारा विभिन्न स्तरों पर लगातार मांग के बावजूद भी सरकार द्वारा स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाओं को बंद ना किए जाने के बारे में पाबंदी का आदेश ना देना दर्शाता है कि यह स्कूल द्वारा फीस वसूली का एक हथकंडा है जिसे शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा विभाग तमाशबीन बनकर प्रोत्साहन एवं संरक्षण दे रहे हैं, जिन्हें बच्चों का रक्षक होना चाहिए था वह आज उनके जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग करते हैं कि- बच्चों के जीवन से जुड़े मामले में तुरंत संवेदनशील निर्णय लेते हुए फिलहाल ऑफलाइन कक्षाओं को बंद कर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का आदेश जारी करें। यदि सरकार ने निजी स्कूलों की मनमर्जी पर लगाम लागते हुवे उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं को चालू करने के लिए पाबंद नहीं किया तो अभिभावको को मजबूरन सड़कों पर उतर आंदोलन करना होगा, साथ ही जिम्मेदारों को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
विजयवर्गीय ने कहा कि ’हाल ही हिमाचल प्रदेश में सरकार ने स्कूलों को खोला तो 556 विद्यार्थी संक्रमित हुए और एक छात्रा की मौत हुई, तो क्या सरकार प्रदेश में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने के बाद निर्णय लेगी?

स्कलों में कोविड गाइडलाइन की उड़ रही है धज्जियां
जयपुर में विगत 4 दिनों में सवाई मानसिंह स्कूल व जयश्री पेड़ीवाल स्कूल विद्यार्थि कोरोना संक्रमण के मामले व डेंगू बुखार आदि मौसमी बीमारियों से संक्रमित बच्चों के आंकड़े बढ़ने के बावजूद भी शिक्षा मंत्री व शिक्षा विभाग असंवेदनशील बना हुआ है। मनीष विजयवर्गीय ने बताया कि सीडलिंग पब्लिक स्कूल जवाहर नगर, माहेश्वरी इंटरनेशनल स्कूल तिलक नगर, महारानी गायत्री स्कूल अजमेरी गेट एवं सैंट एंसेल्म स्कूल निवारू रोड के अनेक अभिभावकों ने अभिभावक हेल्पलाइन पर कॉल कर कुछ बच्चों एवं अभिभावकों ने जानकारी दी कि क्लास रूम में इतनी ही जगह है कि बच्चे गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन नहीं कर पाते ना ही अधिकांश विद्यार्थी मास्क ही लगा पाते हैं क्योंकि स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं बिल्कुल बंद कर दी है। साथ ही परीक्षाएं भी अब सिर्फ ऑफलाइन ही चालू होने वाली है अतः मजबूरन बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है।