इंवेस्ट इन डूंगरपुर समिट: राज्य सरकार उद्यमियों को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत -ऊर्जा राज्य मंत्री

 
industrial development

डूंगरपुर । ऊर्जा राज्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी भंवर सिंह भाटी ने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। डूंगरपुर समेत प्रदेश में औद्योगिक विकास (industrial development) को लेकर अभी अच्छा माहौल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इंवेस्टर को सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करवा रही है। 

भाटी सोमवार को डूंगरपुर मेें आयोजित इंवेस्ट इन डूंगरपुर समिट 2022 (Invest in Dungarpur Summit) में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इंवेस्टर के सामने आने वाली छोटी-मोटी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है। इससे कई देश-विदेश के कई इंवेस्टर ने राजस्थान में इंडस्ट्री के लिए दिलचस्पी दिखाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्यमियों के सामने आने वाली बड़ी कठिनाइयों को दूर करने सभी 14 विभागों को एक साथ जयपुर में बैठाने का काम किया है, जहां उनकी सारी दिक्कतों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर जिला गुजरात बॉर्डर से सटा होने से यहां इंडस्ट्री की बड़ी संभावनाएं है। उन्होंने राज्य सरकार के द्वारा राजस्थान निवेश 2019, मुख्यमंत्री लघु उद्योग योजना, नई सोलर ऊर्जा नीति आदि के द्वारा राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास के लिये किये गये प्रयास और दिये गये अनुदान के बारें में भी बताया। 

कार्यक्रम में डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि उद्योगों के बढ़ावे से रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने स्थानीय निवासियों को भी ओद्यौगिक क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यहां के निवासियों को इस क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण प्रदान किये जायें तथा औद्योगिक क्षेत्र की योजनाओं के बारें में व्यापक प्रचार-प्रसार कर जानकारियां दी जायें, जिससे इस क्षेत्र के लोग भी उद्योग की योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जिला कलक्टर सुरेश कुमार ओला ने कहा कि डूंगरपुर क्षेत्र गुजरात सीमा से सटा है तथा नैसर्गिक सौंदर्य एवं प्राकृतिक सुंदरता के कारण यहां पर्यटन की भी अपार संभावना है। इस दिशा में भी कार्य किया जाएगा। साथ ही यहां पर ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने के लिये रेल का कार्य भी द्रुत गति से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पर प्रतिभाओं की कोई कमी नही पर आवश्यकता है अवसर प्रदान करने की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिये इंवेस्टर्स को अनुकुल एवं आवश्यकतानुसार सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन पूरा प्रयास करेगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक आरके सेठिया ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। 

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा डूंगरपुर औद्योगिक परिदृश्य फोल्डर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में डूंगरपुर औद्योगिक परिदृश्य लघु फिल्म तथा अन्य प्रोजेक्ट्स से जुडी लघु फिल्मों का प्रजेन्टेशन भी किया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ जिला प्रभारी मंत्री भंवर सिंह भाटी ने दीप प्रज्जवलन से किया। इस अवसर पर समस्त इंवेस्टर्स को मोंमेटों देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान उप जिला प्रमुख सहित जनप्रतिनिधिगण एवं समाजसेवी मौजूद थे।

एक हजार 97 करोडा के 24 एमओयू तथा आठ एलओआई से औद्योगिक विकास को मिलेगी गतिः
‘इंवेस्ट इन डूंगरपुर समिट 2022’ में डूंगरपुर जिला प्रभारी मंत्री भंवरलाल भाटी की मौजूदगी में 32 इन्वेस्टर्स ने 1 हजार 97 करोड़ का 24 एमओयू और 8 एलओआई साइन किये। 

राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलो में औद्योगिक विकास के लिए आयोजित किये जा रहें समिट के तहत सोमवार को डूंगरपुर जिला प्रशासन व जिला उद्योग केंद्र की ओर से शहर के लेक व्यू होटल में डूंगरपुर इन्वेस्टर समिट आयोजित किया गया। इस दौरान प्रभारी मंत्री भंवरसिंह भाटी, डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा, जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला, उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक आरके सेठिया और सभी इन्वेस्टर सम्मिलित हुए। इन्वेस्टर समिट में 32 इंडस्ट्रीज के लिए 1 हजार 97 करोड़ एमओयू और एलओआई साइन किए गए। इसमें सबसे ज्यादा 11 इंवेस्टर्स ने बिछीवाड़ा में इंडस्ट्री के लिए एमओयू किये। इस आयोजन के दौरान हुये एमओयू के बाद रिसोर्ट, टूरिज्म, एजुकेशन, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर समेत कई तरह की इंडस्ट्रीज लगने से जिले में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यहां के निवासियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।  

जिला महाप्रबंधक उद्योग हितेष जोशी ने बताया कि इन्वेस्टर समिट में डूंगरपुर में 24 इंवेस्टर के साथ 815 करोड़ 98 लाख रुपये के एमओयू साइन किये गए है। वहीं 8 एलओआई के माध्यम से 282 करोड़ 25 लाख रुपये का इंवेस्टमेंट होगा। इससे जिले में 3 हजार 834 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।