दोसा : जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित बालक ऋषिकेश को मिली नेत्र ज्योति

 
जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित बालक ऋषिकेश को मिली नेत्र ज्योति
- जिले के लालसोट तहसील में गीता देवी मेमोरियल आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा सफल ऑपरेशन कर जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित ऋषिकेश की आंखों को दी रोशनी।

दोसा, (राकेश चौधरी/अंकित त्रिवेदी)। जिले की लालसोट तहसील में गीता देवी मेमोरियल आई हॉस्पिटल में जन्म से ही बालक ऋषिकेश पुत्र कमल सिंह जाटव निवासी भांकरी, तहसील मंडरायल, जिला करौली की आँख में मोतियाबिंद है। महज 10 वर्ष के ऋषिकेश का सफल ऑपरेशन करके बालक को एक नई जिंदगी दी। यह ऑपरेशन डॉ. कमल सेहरा व डॉ. सुमित मित्तल द्वारा किया गया। बालक अब इस संसार की खूबसूरती को देख पा रहा है।

प्रबंधक जटाशंकर शर्मा ने बताया कि उक्त बालक को जन्म से ही मोतियाबिंद था तथा बालक की मां ने बताया बालक के पिता भी बीमार है, जिसके चलते अत्यंत गरीब होने के कारण बालक का इलाज नहीं करवा पा रहे थे। अस्पताल द्वारा उक्त बालक का फेको पद्धति से लेंस प्रत्यारोपण निःशुल्क किया गया।