REET में चीटिंग पर सीएम अशोक गहलोत हूए सख्त, 1 SDM, 2 DSP को किया सस्पेंड

 
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 राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकार का शिंकजा तेजी से कसता जा रहा है। मंगलवार को दिन में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी समेत 14 शिक्षक और कर्मचारियों को इस मामले में निलंबित किये जाने के बाद राज्य सरकार ने देर रात एक आरएएस और दो आरपीएस अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया है। रीट परीक्षा मामले में अब तक 20 अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों पर गाज गिर चुकी है। अभी और भी अधिकारी कर्मचारी शक के दायरे में हैं। लिहाजा यह सूची और बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से दिये गये निर्देशों पर सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर उपखण्ड अधिकारी नरेन्द्र कुमार मीणा निलंबित कर दिया गया है। वहीं सवाई माधोपुर डीएसपी नारायण तिवारी, सवाई माधोपुर (एसआईयूसीएडब्लू) उपाधीक्षक राजूलाल मीणा को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इन्हें विभागीय जांच कार्रवाई का प्रकरण लंबित रखते हुए निलंबित किया गया है। इनसे पहले सवाई माधोपुर के हैड कांस्टेबल यदुवीर सिंह, कांस्टेबल देवेन्द्र सिंह और सिरोही के पुलिस थाना कालन्द्री के कांस्टेबल शैतानाराम निलंबित किया जा चुका है।

राजस्थान के इतिहास में पहली बार राजकीय कार्य में अवैधानिक और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। परीक्षा जैसे मसले पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तथा शिक्षकों पर पहली बार सामूहिक रूप से गाज गिरी है। जांच में दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि रीट परीक्षा के पहले हुई समीक्षा बैठक में सीएम अशोक गहलोत की उपस्थिति में यह फैसला लिया गया था कि परीक्षा के दौरान नकल कराने जैसी गतिविधियों में दोषी पाये जाने अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जायेगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। जांच में दोषी पाये जाने पर बर्खास्त भी किया जायेगा।