नाबालिग के अपहरण के आरोप में युवक गिरफ्तार, लड़की बोली- अपनी मर्जी से साथ में गई, मेडिकल करवाने से भी किया मना

 
 नाबालिग के अपहरण के आरोप में युवक गिरफ्तार, लड़की बोली- अपनी मर्जी से साथ में गई, मेडिकल करवाने से भी किया मना

चित्तौड़गढ़। जिले के कपासन थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग के पिता ने अपहरण करने का मामला दर्ज करवाया है। जबकि नाबालिग ने अपहरण होने से इंकार करते हुए अपनी मर्जी से भागना बताया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 363 में मामला दर्ज कर लिया। अब 164 के बयान के बाद ही पोक्सो की धारा जुड़ेगी।

थाना पुलिस ने बताया कि 10 जनवरी को नाबालिग के पिता ने मामला दर्ज करवाया था। उसने बताया था कि उसकी 15 साल की बेटी अपनी मां के साथ खेत पर काम करने गई थी। खेत से मां को शौच करने को बोलकर चली गई और वापस नहीं लौटी। उस दौरान बेटी ने 3 तोला सोना पहन रखा था और पैरों में 500 ग्राम चांदी की पायजेब भी थी। पिता ने एक युवक पर अपहरण का आरोप लगाया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एक टीम का गठन कर दोनो को तलाश करते हुए भीलवाड़ा से लड़की को दस्तियाब कर और आरोपी को पकड़कर चित्तौड़ लेकर आए। आरोपी युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363 में मामला दर्ज है। वहीं जब पुलिस नाबालिग का मुआयना कराने की तैयारी करने लगी तो लड़की अपना मेडिकल कराने से मना कर दिया।

नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने 8 महीने पहले गंगरार के एक युवक के साथ उसकी शादी कर दी थी। वह अपने ससुराल दो बार गई, लेकिन उसका पति उससे ढंग से बात नहीं करता। हर बात पर उसके माता-पिता से शिकायत करता था इसलिए वह अपने ससुराल नहीं जाना चाहती। इस दौरान उसकी पहचान आरोपी युवक बालूराम पुत्र उदयराम माली से हुई और दोनों के बीच प्रेम हुआ।

बालिका ने बताया कि घर पर बिना बताए पहले भी वह युवक के साथ भाग चुकी है। कुछ दिन उसके साथ रहने के बाद वापस घर आ गई थी। 7 जनवरी को अपने खेत पर अकेली खड़ी थी। उसी समय युवक का दोस्त एक मोबाइल देकर गया। नाबालिग ने मोबाइल को नोहरे पर ही छुपा दिया था। 8 जनवरी को उसने आरोपी को फोन किया और बात की। बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से युवक बालूराम पुत्र उदयराम माली के साथ भीलवाड़ा गई थी। वहां आरोपी की बहन के यहां रुके। एक रात बिताने के बाद 10 की सुबह कपासन पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को पकड़कर कपासन ले आए। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया।

बालिका ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ कोई भी गलत काम नहीं किया, इसलिए वह मेडिकल भी नहीं करवाना चाहती। अब वह अपने पिता के साथ रहना चाहती है। पुलिस के सामने बयान देने के बाद पुलिस ने बालिका को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। बालिका का 164 में बयान होने के बाद ही मामला पोक्सो में जोड़ा जाएगा।