बूंदी में सौतेली मां की मारपीट से परेशान युवती घर छोड़ कोटा पहुंची, बोलीं- बचा खाना देते हैं, कई दिन भूखा भी रखा

 
बाल कल्याण समिति

 कोटा। बूंदी जिले की रहने वाली एक युवती अपनी सौतेली मां की मारपीट से परेशान होकर कोटा आ गई। यहां पहुंचने के बाद वो सीधी नारी शाला पहुंची। नारी शाला में उसे घर लौटने के लिए कहा, लेकिन नहीं मानी। इसकी सूचना पुलिस को दी और इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। यहां भी उसने घर जाने से मना किया तो युवती की काउंसिलिंग की गई। सामने आया कि वह अपनी सौतेली मां के व्यवहार से इतनी परेशान हो चुकी थी कि दोबारा घर नहीं लौैटना चाहती थी। समिति की ओर से उसे शैल्टर होम भेजा गया है।

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कनीज फातमा ने बताया कि बालिका 16 साल की है। सौतेली मां से परेशान होकर नारी शाला पहुंच गई थी। बाल कल्याण समिति काउंसिलिंग में बालिका ने बताया कि उसकी सौतेली मां मारपीट करती है। घर का सारा काम कराती है। जब घर के लोग खाना खा लेते थे तो उसे बचा हुआ खाना दिया जाता था। कई बार तो उसे भूखा भी रखा गया। उसे इतना परेशान किया गया कि वह अब घर भी नहीं जाना चाहती। लड़की ने बताया कि कई बार उसकी मां उसे कोटा में बुआ के पास भेज देती तो कभी बूंदी बुला लेती थी। उसने बताया कि वह इस बर्ताव से परेशान हो चुकी है और घर नहीं जाना चाहती। वो पढ़ाई करना चाहती है और 18 साल की होने तक आश्रय गृह में रहना चाहती है। फातमा ने बताया कि अभी और काउंसलिंग की जरूरत है। बालिका को राजकीय बालिका गृह नांता में आश्रय दिया गया है।

समिति अधिकारियों ने बताया कि युवती के पिता बिरियानी का ठेला लगाते है। मां की मौत के बाद 9 साल पहले उसके पिता ने दूसरी शादी की थी। इसके बाद से उसकी सौतेली मां उसे परेशान कर रही है। दिन में कई बार उसकी पिटाई करती। उसकी सौतेली मां ने पिता को भी उसके खिलाफ भड़का रखा था। इसलिए वे उसका भी पक्ष नहीं लेते थे। सौतेली मां के दो लड़के हैं।