सहकारी उपभोक्ता भंडारों पर दवाइयों का टोटा, पेंशनर परेशान- महामंत्री रामेश्वर मीणा

कोषाधिकारी से मिले, शीघ्र समस्या का समाधान की दी जानकारी
 
महामंत्री रामेश्वर मीणा

बूंदी,  जिला पेंशनर समाज के पदाधिकारी पेंशनर की समस्याओं को लेकर जिला कोषाधिकारी से मिले। उपभोक्ता भंडारों ने निशुल्क दवाइयां देना बंद करने पर पेंशनर समाज के पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल, सहकारी समिति रजिस्ट्रार से कार्यालय में जाकर पैशनर की दवा उपलब्ध कराने की समस्या का तुरंत समाधान करने के लिए वार्ता की। दवाइयां बंद होने का कारण उपभोक्ता भंडारों को भुगतान नहीं होना बताया गया।

जिला कोषाधिकारी ने बताया की शीघ्र ही कोषालय मे आरजीएसएस कार्ड बनवाने हेतु हेल्प डेस्क प्रारंभ की जावेगी। महामंत्री रामेश्वर मीणा ने अवगत कराया की राजस्थान पेंशनर्स समाज के प्रदेश प्रतिनिधि 1 अक्टूबर को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर के नेतृत्व में प्रमुख शासन सचिव वित्त एवं संयुक्त शासन सचिव वित्त (निगम) से बैठक कर अवगत कराया कि सहकारी उपभोक्ता संघ की दुकानों के विक्रेताओं ने पेंशनर आरजीएचएस कार्ड की फोटो कॉपी के बिना दवा देने से मना कर दिया है, जिससे पेंशनर के समक्ष भारी संकट उत्पन्न हो गया है। इस संबंध में वित्त विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है की उपभोक्ता संघ की दुकानों पर 1 अक्टूबर 2021 से 31 अक्टूबर 2021 तक मेडिकल डायरी के आधार पर ही दवाइयां उपलब्ध कराई जावेगी।

कोनफेड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह 31 अक्टूबर तक बिना आरजीएचएस के ही दवाइयां उपलब्ध कराते रहें । इस अवधि के पुनर्भरण बिल 31 दिसंबर तक कोषालय में प्रस्तुत किए जा सकेंगे। पुनर्भरण बिल प्रस्तुत करते समय आरजीएच कार्ड बनवा कर उसकी फोटो कॉपी बिल के साथ लगानी होगी। इसके अभाव में बिल का पुनर्भरण नहीं हो सकेगा। 1 नवंबर 2021 से पेंशनर केवल आरजीएचएस कार्ड के माध्यम से ही आउटडोर सुविधा का लाभ ले सकेंगे। 31 अक्टूबर तक कार्ड बनाना अत्यंत आवश्यक है। पेंशनर के बकाया चल रहे चिकित्सा बिलो के पुनर्भरण हेतु 31 दिसंबर 21 तक अतिरिक्त बजट का प्रावधान कराते हुए भुगतान करा देंगे। ऐसा आश्वासन संगठन की प्रांतीय बैठक एवं वित्तीय अधिकारियों के बीच हुई, जिसकी जानकारी कोषाधिकारी के साथ बातचीत से अवगत करवाई गई। वार्ता में बूंदी पेंशनर समाज के अध्यक्ष अध्यक्ष चतुर्भुज महावर, महामंत्री रामेश्वर मीणा, कार्यकारी अध्यक्ष घनश्याम दुबे, प्रांतीय प्रतिनिधि रवि शंकर गौतम एवं चंद्र मोहन मेवाडा उपस्थित रहे।