आरएसएस प्रचारक के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप, कोतवाली थाने पर जमा हुई भीड़

 
चोट दिखाते प्रचारक

बूंदी। आरएसएस के जिला प्रचारक के साथ पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार एंव मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं बीजेपी और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली में एकत्रित हो गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इधर मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ही एससीएसटी सेल के पुलिस उपाधीक्षक नारायण लाल कोतवाली पहुंचे और आरएसएस और हिंदू संगठनों के साथ वार्ता कर फिलहाल मामले को शांत कर दिया।

पुलिस बल, आरएसी जवानों सहित आसपास के थानों की पुलिस

जानकारी के मुताबिक कोतवाली थाना पुलिस शाम को शहर के गश्त पर थी, गश्त करते हुए पुलिस नवल सागर पार्क की ओर पहुंची जहां करीब रात 8 बजे एक चाय का ठेला लगा हुआ था उसके पास बेंच और कुर्सियां आड़ी तिरछी लगी हुई थी, जिससे जिससे रास्ता बाधित हो रहा था। पुलिस चाय के ठेले वाले सोनू नामक युवक एवं कुर्सियों को कोतवाली ले आई। उसके बाद जानकारी लगने पर आरएसएस के प्रचारक हरिओम कोतवाली पहुंचे जहां कोतवाली थाना अधिकारी और प्रचारक के बीच कहासुनी हुई। लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी आरएसएस, बीजेपी और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को लगी तो कोतवाली थाने में भारी भीड़ जमा हो गई।

भाजपा कार्यकर्ता मौजूद

घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री सुरेश अग्रवाल, शहर अध्यक्ष महावीर खंगार, भाजपा युवा नेता रूपेश शर्मा, निर्मल मालव, अनुराग गौतम, विहिप के महेश जिंदल, पितांबर शर्मा,  पार्षद रमेश हाड़ा, संदीप देवगन, मनीष सिसोदिया सहित बड़ी संख्या में आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

आरएसएस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ने पर उसकी जानकारी करने आए संघ प्रचारक के साथ मारपीट की। हालांकि पुलिस ने इस बात से इनकार किया है। वहीं पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए एहतियात के तौर पर पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल, आरएसी जवानों सहित आसपास के थानों की पुलिस भी मौके पर बुला ली। सूचना पर हिंडोली पुलिस उपाधीक्षक श्याम सून्दर विश्नोई कोतवाली पहुंचे हैं। पुलिस उपाधीक्षक नारायण लाल ने बताया कि आरएसएस प्रचारक और कोतवाली थाना अधिकारी के बीच कुछ कहासुनी हो गई थी, लेकिन वार्ता के बाद फिलहाल मामला शांत हो गया है, ऐसी कोई विशेष बात नहीं है।