प्रसुता ने रोड़वेज बस में दिया पुत्र को जन्म, बूंदी के डॉक्टर ने कहा एक महिने बाद होगा प्रसव

 -बस परिचालक, चालक की सूझबूझ से महिला और नवजात बच्चे की बची जान 
 
प्रसुता ने रोड़वेज बस में दिया पुत्र को जन्म

बूंदी। जिले में चलती राजस्थान रोडवेज की बस में महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो बूंदी रोडवेज बस के परिचालक और एक अन्य महिला के सहयोग से गर्भवती महिला का प्रसव करवाया गया। उसके बाद महिला को एक निजी वाहन से देई अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां जच्चा और बच्चा दोनों दोनों स्वस्थ बताये जा रहे हैं।

यात्रियों से भरी खचाखच बस में सवार यात्रियों ने परिचालक नवीन शर्मा के साहस को दाद् दी है। बस परिचालक नवीन शर्मा, चालक मोहन कुमार की सूझबूझ से महिला और उसके नवजात बच्चे की जान बच गई।

प्रसुता महिला के यह प्रीमेच्योर प्रसव था, महिला के पति ने बताया कि प्रसूता को बूंदी चिकित्सक को दिखाकर ही गांव जा रहे थे, चिकित्सक ने उसके डिलीवरी के लिए अभी एक माह का समय और बताया था। लेकिन अचानक ही प्रसव हो गया। महिला ने एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया है। इससे पहले महिला के एक लड़की है।

जानकारी के अनुसार बूंदी रोडवेज बस स्टैंड से शाम 4 बजे के करीब रोडवेज बस बूंदी से वाया तलवास, इन्द्रगढ,़ लाखेरी के लिए रवाना हुई। बस में करवर थाना क्षेत्र के खुरी गांव निवासी गर्भवती महिला सोहनी बाई 30साल अपने पति कन्हेयालाल गुर्जर के साथ सवार होकर यात्रा कर रही थी, महिला और उसके पति ने जैतपुर तक का टिकट लिया हुआ था। बस में सवार महिला अचानक प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी और उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी।

जिसे देखते हुए परिचालक ने बस को जैतपुर-पिलिया के बीच बस रुकवा कर बस में बैठी एक अन्य महिला यात्री के सहयोग से शाम 5ः30 बजे महिला का प्रसव करवाया। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। महिला के पति और अन्य यात्रियों ने प्रसव के दौरान वहां कपड़े चद्दर लगाकर बस में ही महिला के प्रसव करवा दिया। प्रसव करवाने के बाद नवजात बच्चे को उल्टा करके उसके पेट से गंदा पानी निकाला। उसके बाद जच्चा बच्चा को निजी वाहन से देई अस्पताल भिजवा दिया है। जहां दोनों का इलाज किया जा रहा है। जच्चा और बच्चा स्वस्थ बताए जा रहे हैं।