बूंदी अग्रवाल आई हॉस्पिटल में हुई गंभीर रूप से कटी हुई पलकों की प्लास्टिक सर्जरी

- नेहा की आखों की अश्रु थैली व नलिकाएं भी पूरी तरह कट चुकी थी। 
 
 अग्रवाल आई हॉस्पिटल में हुई गंभीर रूप से कटी हुई पलकों की प्लास्टिक सर्जरी

बूंदी। खोजा गेट रोड स्थित अग्रवाल आई एंड स्किन हॉस्पिटल में एक ऐसी बच्ची की पलकों में गंभीर चोट आने से बुरी तरह से फटी हुई आंख का ऑपरेशन किया गया। जबकि पलकों की चोट इतनी गंभीर थी कि अश्रु की थैली व नलिकाएं भी पूरी तरह कट चुकी थी।

फटी हुई आंख का ऑपरेशन किया गया।

आपरेशन करने वाले नेत्र विशेषज्ञ व सर्जन डॉ संजय गुप्ता ने बताया कि नेहा को खेत में काम करते समय एक मशीन से चेहरे पर चोट लग गई, जिससे उसकी बांई आंख की दोनों पलकें बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसी पलकों को वापिस अपनी शेप में लाना अत्यंत जटिल ऑपरेशन था। ऐसे ऑपरेशन अधिकतर बड़े शहरों में ही संभव है। अग्रवाल आई एंड स्किन हॉस्पिटल में ओक्युलोप्लास्टी की सुविधा होने से यह जटिल ऑपरेशन बूंदी में संभव हो पाया। रोगी की दोनों पलकों को बारीक 6-0 टांकों द्वारा जोड़ा गया, साथ ही जेड प्लास्टी तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। रोगी को आपरेशन के तुरंत बाद छुट्टी दे दी गई।

गनीमत यह रही की आंखों की रोशनी को चोट के कारण कोई नुक़सान नहीं हुआ। जबकि पलकों की चोट इतनी गंभीर थी कि अश्रु की थैली व नलिकाएं भी पूरी तरह कट चुकी थी। डॉ संजय गुप्ता ने ऐसे पलकों के ओक्युलोप्लास्टी आपरेशन करने का कोर्स कर रखा है। उन्होंने बताया कि 2008 में दिल्ली में एक महीने का ओक्युलोप्लास्टी कोर्स करने का अनुभव काम आया। इस तरह के केसेज कभी-कभी ही आते हैं।