देहव्यापार के दलदल निकल कर शादी की तो नाबालिक बताकर कराया केस दर्ज, मामले में ओर भी छिपे है राज

 - एक ही डॉक्टर ने एक ही लड़की की बतायी अलग-अलग आयु,?
 
देहव्यापार के दलदल से निकल कर शादी की तो नाबालिक बताकर कराया केस दर्ज, मामले में ओर भी छिपे है राज

बूंदी। 24 वर्षीय बालिका को नाबालिक बताकर गुमशुदगी और अपहरण का मामला दर्ज करने के प्रकरण के सामने आने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बालिका के 164 के बयान के बाद थाने में मुकदमा दर्ज करने को लेकर भी अलग-अलग बातें निकल कर सामने आ रही है। वहीं बालिका के जन्म प्रमाण पत्र को लेकर भी एक ही डॉक्टर के द्वारा अलग-अलग रिपोर्ट जारी करने की बात भी सामने आई है। उक्त मामले में कई स्तरों पर जांच जारी है। बालिका के बालिग़ होने के चलते उसे बाल कल्याण समिति ने स्वतंत्र कर दिया।

जानकारी के अनुसार दबलाना थाना क्षेत्र के शंकरपुरा निवासी एक 24 वर्षीय बालिका को उसकी मां, भाई, बहन व अन्य ने मिलकर उसे नाबालिक बताने के लिए जाली दस्तावेज तैयार करवाए गये। जिसके आधार पर हिंडोली थाने में बालिका की गुमशुदगी और अपहरण का मामला दर्ज किया गया। जबकि 24 साल की बालिका ने एक युवक से आर्य समाज में शादी करली। क्योंकि वह देहव्यपार के दलदल से बाहर निकलना चाहती थी। उक्त मामले में हिंडोली थाना अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि उक्त मामला दबलाना थाने का क्षेत्र का था लेकिन घटनाक्रम हिंडोली थाना क्षेत्र का बताकर उसे यहां दर्ज करवा लिया गया। जबकि बालिका की पहले से ही दबलाना थाने में गुमशुदगी दर्ज थी। बालिका के 164 के बयान पर फिर से मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने के संबंध में हिंडोली थाना अधिकारी मुकेश मीणा ने कहा कि अब जो भी कार्यवाही करनी है वह दबलाना थाना पुलिस को करनी है। इस आशय के आदेश जिला पुलिस अधीक्षक ने दबलाना थाना अधिकारी को कर दिए हैं।

 उक्त मामले में दबलाना थानाधिकारी परमेश्वर जाट ने बताया कि यह बात सही है कि  बालिका की ओर से मुकदमा दर्ज करने के निर्देश मिले हैं, जिस पर बालिका से संपर्क कर रिपोर्ट देने के लिए बुलाया है, लेकिन वह रिपोर्ट देने नहीं आई है। धारा 164 के हुए बयानों के आधार पर मामला दर्ज करने के बारे में दबलाना थाना अधिकारी ने कहा कि उक्त मामला हिंडोली थाने से जुड़ा है उस पर कार्यवाही करना हिंडोली थाने के क्षेत्राधिकार में है।

 वहीं मामले में सबसे रोचक बात यह निकल कर के सामने आ रही है कि एक ही चिकित्सक ने एक ही बालिका की दो बार मेडिकल रिपोर्ट तैयार की, जिसमें उसने एक बार बालिका की उम्र 18 से 19 साल बताई। जबकि दूसरी रिपोर्ट में उस बालिका की उम्र 24 साल अंकित की है। उक्त मामले में और भी ऐसे कई पहलू है जो मामले को और उलझा रहे हैं।

हिंडोली तहसीलदार ने कहा- प्रक्रिया से जारी होता जन्म प्रमाणपत्र
वहीं उक्त मामले में हिंडोली तहसीलदार की रिपोर्ट पर जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र के मामले में तहसीलदार केसरी सिंह ने कहा कि तस्दीक सुधा शपथ पत्र, आंगनबाड़ी के रजिस्टर में रजिस्टर्ड होने के प्रमाण पत्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दिया जाता है, गवाहों द्वारा भी शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाता है, जिसके आधार पर जन्म प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। उक्त प्रमाण पत्र भी ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से जारी किया गया है।