नैनवां नगरपालिका के विभिन्न प्रकरणों की जांच कराने की मांग, तीन दिन से धरना जारी

25 मेंसे 21पार्षद जिला कलेक्टर से मिले, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, ईओ पर लगाये आरोप 
 
नैनवां नगरपालिका के विभिन्न प्रकरणों की जांच कराने की मांग, तीन दिन से धरना जारी

बूंदी। जिले की नैनवां नगरपालिका के विभिन्न प्रकरणों की जांच कराने की मांग को लेकर 25 मेंसे पक्ष और विपक्ष के 21पार्षद जिला कलेक्टर से मिले। जिला कलेक्टर से मिले प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न प्रकरणों की जांच कराने की मांग की है जिस पर जिला कलेक्टर ने स्वयं ही नेनवां आकर मामले की जांच करने का आश्वासन दिया।

इस दोरान पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को छोडकर सभी 23 पार्षद एक मत बताये है। जिसमें 21 जिला कलक्टर से मिले तथा एक पार्षद दिलखुश पोटर ईओ द्वारा दर्ज धारा 3 के मामले के कारण फरार है, वहीं एक महिला पार्षद गर्भवती होने से यहां नहीं पहुंच सकी। वहीं पिछले तीन दिनों से पालिका पार्षद विभिन्न मांगो को लेकर धरना दे रहे है। जो बोर्ड बैठक बुलाकर इनकी मांगो को ऐजेंडे में शामिल करने की मांग भी कर रहे है। जबकि नगर पालिका ईओ ने 17 जनवरी को बोर्ड बैठक आहुत कि है जिसमें राज्य सरकार के आदेश पर कोविड को लेकर की एजंडा तैयार किया गया है।

25 मेंसे 21पार्षद जिला कलेक्टर से मिले

ज्ञापन में यह कि मांग
पाषदों ने 8 फरवरी 2021 से अब तक के किए गए भुगतानों की जांच पार्षदों की समिति बनवा कर करवाने, बिना बोर्ड की स्वीकृति के भूखंडों की नीलामी नहीं करने, वर्तमान बोर्ड में क्रय की गई सामग्री की जांच कराने पालिका उपाध्यक्ष कक्ष को हटाकर पार्षदों के लिए कक्ष बनाने, संविदा पर रखे कर्मचारियों की जांच करवाने, कोविड-19 में किए गए भुगतान की जांच सरकारी एजेंसी से कराने, शहर में कचरा निस्तारण के नाम पर लाखों रुपए का घोटाला होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा कि नगर पालिका द्वारा वर्षों पुराने नाले को तोड़कर चेयरमैन के मैरिज हॉल में फायदा देने के उद्देश्य नाले को अवरुद्ध कर के लाखों रुपए में नाला ऊंचा किया गया इससे नैनवा शहर का पानी उलटी दिशा में निकलने से वर्षा का पानी बस्तियों में भरने की समस्या पैदा होगी। बिना बोर्ड स्वीकृति के 25 लाख से ज्यादा के टेंडर स्वीकृत करने का अधिकार अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन को नहीं होने के बावजूद वित्तीय अनियमितताओं को दर्शाते भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिए गए 68 लाख के टेंडर का भुगतान किया गया, लगभग 125 करोड़ के कार्यो की टेंडर प्रक्रिया करवा ली गई, 2 करोड़ बिल्कुल फर्जीवाड़े के साथ जनहित कार्यों को ठेंगा दिखाते हुए बिना बोर्ड स्वीकृति और पार्षदों की बिना जानकारी के कर दिए टेंडर करने के आरोप लगाये है। पालिका में जो संसाधन चल रहे हैं उनमें जो डीजल प्रतिदिन आता है उस ड्राइवर की लॉग बुक वह फॉकिंग मशीन के पेट्रोल, जनरेटर की जांच एवरेज के आधार पर जांच हो। नगर पालिका ईओ के लिए ठेके पर स्विफ्ट कार 3 दिन दुरुपयोग करके जहाजपुर ले जाने का आरोप भी लगाया है।