बूंदी: जिला अस्पताल में भर्ती एक संक्रमित फरार, 6 नए मामलों के साथ 42 पर पहुंचा आंकड़ा

 
बूंदी: जिला अस्पताल में भर्ती एक संक्रमित फरार, 6 नए मामलों के साथ 42 पर पहुंचा आंकड़ा

बूंदी। शहर में कोरोना संक्रमण के 6 नए मामले सामने आए हैं इनको मिलाकर जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती एक संक्रमित युवक स्टाफ के मना करने के बावजूद मौका पाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश कि जा रही है।

सोमवार को बूंदी शहर में कुल 6 नए मामले सामने आए हैं जिनमें जिनमें एक बैंक मैनेजर व एक अध्यापक भी शामिल है। चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गैस गोदाम के आगे माटुंदा रोड बूंदी, पुलिस लाइन रोड बूंदी, दूरदर्शन कॉलोनी चित्तौड़ रोड बूंदी, लुहार गली बूंदी, आचार्यों की गली मल्लाह साहब मंदिर के पास बूंदी, बीबनवा रोड बूंदी से 1-1 कोरोना संक्रमित सामने आए हैं। शहर में मिले सभी कोरोना संक्रमितों की हिस्ट्री जांचते हुए संपर्क में आने वाले लोगों की भी सैंपलिंग की जा रही है। साथ ही इनके घरों के आस-पास जीरो मोबिलिटी घोषित की जा रही है।

वही जिला अस्पताल में भर्ती एक कोरोना संक्रमित फरार हो जाने से चिकित्सा विभाग की चिंता बढ़ गई है। अब उक्त संक्रमित की तलाश  की जा रही है। छावड़ियों का नया गांव निवासी युवक जोधपुर में अध्ययन करता है। जो जोधपुर से सैंपलिंग करा कर बूंदी के लिए रवाना हुआ था, जिस वक्त वह बस में ट्रेवलिंग कर रहा था उस समय उसके फोन पर उसके कोरोना संक्रमित होने का मैसेज प्राप्त हुआ था। रात के समय छावड़ियों का नया गांव जाने के लिए उसे साधन नहीं मिला तो वह जिला अस्पताल आकर भर्ती हो गया। हालांकि उसके किसी भी तरह के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसके संक्रमित होने के मेसेज पर युवक को भर्ती कर इलाज प्रारंभ कर दिया। सोमवार सुबह युवक ने घर जाने के लिए कहा तो अस्पताल स्टाफ ने मना कर दिया। उसके बाद चिकित्सक ने आकर जांच की और उसके उपचार के लिए दवाइयां लिख दी, उसके साथ कोई नहीं होने पर चिकित्सक ने स्टाफ को दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दवाइयां अस्पताल स्टाफ द्वारा उक्त मरीज को दवाइयां उपलब्ध करवा दी गई और स्टाफ अपने काम में लग गया। लेकिन यहां भर्ती संक्रमित युवक मौका पाकर किसी तरह अस्पताल से फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित की तलाश कर सुबह उसके घर में ही आइसोलेट किया जाएगा। साथ ही उसके संपर्क में आने वाले परिवार व अन्य लोगों की सैंपलिंग की जाएगी।