2 साल बाद फिर बून्दी उत्सव का आयोजन, सीमित होंगे कार्यक्रम,जिला कलक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश

 
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बून्दी। बूंदी उत्सव का आयोजन 22 व 23 नवम्बर को किया जाएगा। इस सम्बन्ध में मंगलवार को जिला कलेक्टर रेणू जयपाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। नगर परिषद सभापति श्रीमती मधु नुवाल भी मौजूद रहीं।

बैठक में बूंदी उत्सव 22 व 23 नवंबर को सीमित कार्यक्रमों के साथ मनाने का निर्णय हुआ। कार्यक्रम आयोजन को लेकर बूंदी विकास समिति सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ विचार विमर्श हुआ। गढ़ गणेश पूजन, फोटा प्रदर्शनी, चित्रकला प्रतियोगिता, दीवार चित्रण, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, ग्रामीण खेलकूद, दीपदान इत्यादि कार्यक्रम करने पर विचार विमर्श हुआ। जिला कलक्टर ने बताया कि बून्दी उत्सव की शुरूआत गणेश पूजन एवं झण्डारोहण के साथ की जाएगी। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रम गरिमापूर्ण हों तथा कोविड गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए आयोजन किए जाएं।

उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए कि बून्दी उत्सव से पूर्व सभी पर्यटक स्थलों के आस पास एवं मुख्य बाजारों में सफाई की जाए। उत्सव के दौरान गढ़ पेलेस,नवल सागर, चौरासी खम्भो की छतरी, रानीजी की बावड़ी, जैतसागर, सुखमहल, रतनबुर्ज एवं अन्य स्थलों पर आकर्षक विद्युत सजावट की जाए। सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी को आयोजन संबंधी प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भिजवाने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रमों की रूपरेखा को शीघ्र ही अंतिम रूप दिया जाएगा। अतिरिक्त कलेक्टर एयू खान ने कहा कि कार्यक्रम इस तरह आयोजित किए जाएं कि कोरोना प्रोटोकॉल की पालना हो सके। बैठक में बूंदी विकास समिति के राज कुमार दाधीच, अशोक कुमार शर्मा, पुरुषोत्तम पारीक एवं अन्य ने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान जेवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता जीएस बेरवा, नगर परिषद आयुक्त महावीर सिंह, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी ओपी गोस्वामी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।