बूंदी: देह व्यापार के दलदल से निकली 24 साल की युवती, नाबालिग बताकर कराया अपहरण का मामला दर्ज

- हिंडोली तहसीलदार की भुमिका पर उठ रहे सवाल
- बलिका ने की आर्यसमाज में शादी, 24 साल की होने पर बाल कल्याण समिति ने किया स्वतंत्र
 
नाबालिग बताकर कराया अपहरण का मामला दर्ज

बूंदी। जिले के दबलाना थाना क्षेत्र के शंकरपुरा निवासी एक 24 वर्षीय बालिका ने अपनी मां, भाई और बहन सहित दो दलालों के खिलाफ जबरन देह व्यापार कराने का आरोप लगाया है। मामला बाल कल्याण समिति के समक्ष पहुंचा तो ऐसे कई राज खोले जिसे सुनकर बाल कल्याण समिति के सदस्य भी चौक गए। यहां 24 वर्षीय बालिका को 15 वर्ष की बताकर तहसीलदार ने ग्राम सेवक से नाबालिग होने का प्रमाण पत्र जारी करवा दिया। उसके आधार पर बालिका की मां ने बालिका के गुमशुदा होने एवं अपहरण करने का मामला दर्ज करवा दिया। बालिका को बाल कल्याण समिति ने बालिग़ होने के कारण स्वतंत्र कर दिया।

जानकारी के मुताबिक शंकरपुरा निवासी एक बालिका से जबरन करीब 10 वर्षों से देह व्यापार करवाया जा रहा था, वह इस दलदल से निकलना चाहती थी। इसलिए जुलाई माह में उसने अपने प्रेमी के साथ आर्य समाज में जाकर शादी कर ली। लेकिन उसकी मां कमला, भाई रोहित, बहन हंसा, और दलाल मोरपाल व अन्य  उसे वापस इस धंधे में लाने के लिए परेशान करने लगे। 15 अगस्त को बालिका के साथ मारपीट की गई, जिसकी रिपोर्ट दबलाना थाने में दर्ज की गई। लेकिन उक्त मामले में दबलाना थाना पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं की।

24 साल की बालिका को बताया नाबालिग़
बालिका के द्वारा एक युवक से शादी करने की बात बालिका की मां, बहन, भाई और अन्य परिजनों को लगी तो उन्होंने बालिका को नाबालिक बताते हुए दबलाना थाने में ना जाकर हिंडोली थाने में बालिका की गुमशुदगी और अपहरण का मामला दर्ज करा दिया।

 तहसीलदार की रिपोर्ट पर ग्राम सेवक ने जारी किया 15 साल की उम्र का प्रमाण पत्र 
बालिका की मां ने हिंडोली तहसीलदार से किसी तरह संपर्क कर नाबालिग होने का प्रमाण पत्र बनवाया। उक्त प्रमाण पत्र बनाने के लिए हिंडोली तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा की बालिका की उम्र से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं है, इसलिए इसकी मां के कहे अनुसार उक्त बालिका का आयु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाए। तहसीलदार के आदेश पर ग्राम पंचायत भवानीपुरा के ग्राम सचिव ने बालिका के 15 वर्ष की उम्र का होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। उस आधार पर बालिका की मां ने हिंडोली थाने में गुमशुदगी और अपहरण का मामला दर्ज करवा दिया।

बालिका 17 दिसंबर को बालिका बाल कल्याण समिति के समक्ष पहुंची, जहां उसने बताया कि उसने आर्य समाज में एक युवक से शादी कर ली है जो ऑटो चालक है, वह उसके साथ मुंबई में रहना चाहती है। लेकिन उसकी मां, बहन, भाई और दो अन्य दलाल फिर से उसे इस दलदल में उतारना चाहते हैं। करीब 14 वर्ष की उम्र से उससे  देहव्यापार करवाया जा रहा था। बालिका ने कहा कि उसने आर्य समाज में शादी कर ली है, ग्वालियर हाईकोर्ट में शादी को लेकर मामला विचाराधीन है। बालिका की बात सुनने के बाद बाल कल्याण समिति ने बालिका के 164 के बयान दर्ज कराने के बाद उसे स्वतंत्र कर दिया।

बालिका ने कहा कि इस दलदल से निकलकर वह अपने पति और उसके परिवार के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अपना जीवन बिताना चाहती है तथा वह समाज के लिए एक मिसाल कायम करना चाहती है। उसने कहा कि शंकरपुरा में और भी ऐसी कई लड़कियां है जो इस दलदल से निकल कर अपना जीवन संवारना चाहती है। 

बालिका को किया स्वतंत्र
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने कहा कि बालिका के बालिग होने के चलते उसे स्वतंत्र किया गया है, वह शादी करके अपना जीवन स्वतंत्र रूप से गुजारना चाहती है। बालिका के 164 के बयान दर्ज करवाए गए हैं। उसके आधार पर आगे की कार्यवाही हिंडोली पुलिस द्वारा की जाएगी।