शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ का 25-26 को दो दिवसीय प्रांतीय शैक्षिक अधिवेशन बूंदी में

 - तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर होगा मंथन
 
Two-day provincial educational convention of Teachers and Panchayati Raj Employees Union on 25-26 in Bundi

बूंदी। राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ (Rajasthan Teachers and Panchayatiraj Employees Association) का दो दिवसीय शैक्षिक अधिवेशन (two day academic session) आयोजन की मेजबानी प्रदेश अध्यक्ष मूलचंद गुर्जर एवं प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा प्रथम बार बूंदी जिले को सौंपी गई है। प्रदेशाध्यक्ष मूलचंद गुर्जर ने प्रांतीय शैक्षिक अधिवेशन के संयोजक प्रांतीय उपाध्यक्ष रामप्रताप मीणा एवं सहसंयोजक रामवीर प्रजापत को नियुक्त किया है।

प्रांतीय शैक्षिक अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला, शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान, खेल एवं युवा मामलात मंत्री अशोक चांदना, पीपल्दा विधायक रामनारायण मीणा, पूर्व वित्त राज्यमंत्री हरिमोहन शर्मा, बूंदी विधायक अशोक डोगरा, जिला प्रमुख चंद्रावती कँवर, सभापति मधु नुवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संभाग के शिक्षा अधिकारियों को बतौर अतिथि आमंत्रित किया है।

अधिवेशन में राजस्थान के गांव गांव ढाणी ढाणी से लगभग चार से पांच हजार की संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी भाग लेंगे। अधिवेशन मे खुला सत्र में राजस्थान से आने वाले शिक्षक प्रतिनिधि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा प्रणाली, समाज में शिक्षकों की भूमिका, विद्यालयों की मूलभूत आवश्यकताओं साथ ही शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर मंथन करेंगे।

मुख्यतः तृतीय श्रेणी शिक्षकों, शारीरिक शिक्षकों, प्रबोधको आदि के स्थानांतरण करने, टीएसपी व प्रतिबंधित जिलों में कार्यरत शिक्षकों के स्थानांतरण सामान्य श्रेणी के जिलों में करने, स्थानांतरण में डिजायर सिस्टम के स्थान पर पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू कर राजनीतिक हस्तक्षेप को बंद करने, वरिष्ठ अध्यापक तथा व्याख्याताओं की लंबे समय से चल रही वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए केंद्र के समान 4200, 4800, 5200 ग्रेड पे निर्धारित कर पे रिवाइज्ड करवाने, सामंत कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करवाने, वरिष्ठ अध्यापक पदोन्नति वर्तमान नियमों में बदलाव कर सामाजिक विज्ञान, हिंदी, कॉमर्स व कृषि के शिक्षकों को पदोन्नति में संख्यात्मक आधार पर विशेष अवसर मुहैया करवाने, उप प्रधानाचार्य के 50 फ़ीसदी पद सीधी भर्ती से भरने, योग्यताधारी शिक्षाकर्मी, पैराटीचर को स्थाई कर पुरानी सेवा की गणना के आधार पर लाभ दिए जाने, मिड डे मील वर्कर्स का मानदेय सम्मानजनक निर्धारित करवाने, सरकार द्वारा बंद किए जा रहे विद्यालयों को बंद नहीं कर पूर्व में बंद किए गए विद्यालयों को पुनः चालू करवाने जैसी मांगों पर मंथन कर सरकार को निराकरण के प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा।

अधिवेशन को सफल व भव्य बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की कमेटियां बनाकर जिम्मेदारियां सौंपी जा रही है। साथ ही विद्यालयों में पहुंचकर पीले चावल के साथ आमंत्रण देकर प्रचार- प्रसार तथा अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों को अधिवेशन में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। प्रेस वार्ता मे प्रदेश मंत्री दशरथ सिंह सोलंकी, प्रदेश उपाध्यक्ष रामप्रताप मीणा, प्रदेश कोषाध्यक्ष सीताराम शर्मा, जिलाध्यक्ष गोपाल मीणा, जिला महामंत्री वेद प्रकाश गौतम, सहसंयोजक रामवीर प्रजापत, उप संयोजक सुखलाल मीणा, पार्वती मीणा मोजूद रहे।