बूंदी : पुलिस जांच में कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा को क्लीन चिट, छेड़छाड़ के मुकदमे से बचने के लिये व्यापारी ने लगाये थे झूठे आरोप

 
Bundi: To avoid molestation case, businessman made false allegations, clean chit to Congress leader Charmesh Sharma in police investigation

बूंदी। देवपुरा में दुकान लगाने वाले एक आरओ व्यापारी द्वारा अपनी महिला कर्मचारी, कर्मचारी के पिता के साथ कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा व दो अन्य लोगों पर दो लाख रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने का आरोप पुलिस जांच निराधार और असत्य पाये गये है। सारे मामले में कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा व अन्य लोगो को सभी आरोपों से क्लीन चिट मिली है और वे बेदाग साबित हुये हैं। इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त सूचना व  कोतवाली थाना अधिकारी सहदेव मीणा द्वारा बूंदी पुलिस अधीक्षक जय यादव को इस मामले में भेजी गयी जांच रिपोर्ट से यह सारा खुलासा हुआ है।

जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि व्यापारी द्वारा महिला कर्मचारी से अश्लील वार्तालाप किया जा रहा था। 19 मार्च को दुकानदार व महिला कर्मचारी के बीच किसी बात पर विवाद हो गया जिसकी शिकायत महिला कर्मचारी ने अपने पिता से की थी। जिसके बाद महिला कर्मचारी के पिता, नीलेश जैन व चर्मेश शर्मा दुकान पर पहुंचे थे और वहां उन्होंने दुकानदार को महिला कर्मचारी की ओर से की गयी शिकायत पर उलाहना दिया था और आपसी कहासुनी हुयी थी।

उल्लेखनीय है कि गत दिनों दुकानदार द्वारा इस मामले में पुलिस पर  कोई कार्यवाही नहीं करने का आरोप लगाते हुये न्यायालय में इस्तगासा दायर किया था।  जिस पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।

छेड़छाड़ के मुकदमे से बचने के लिये लगाये आरोप
कोतवाली थानाधिकारी द्वारा इस मामले में भेजी गयी विस्तृत जाँच रिपोर्ट में बताया गया है कि कोतवाली पुलिस के द्वारा इस मामले में परिवादी सुलभ पांडे, उसके अन्य कर्मचारी के साथ महिला कर्मचारी, महिला कर्मचारी के पिता,घटना के समय  उपस्थित नीलेश जैन और कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा के बयान लिये गये। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़ित महिला कर्मचारी की ओर से पुलिस अधीक्षक बूंदी को प्रस्तुत किए गये परिवाद पर महिला थाने में दुकानदार सुलभ पांडे के विरुद्ध धारा 354 व 354 क में मुकदमा दर्ज होकर अनुसंधान जारी है। इसलिये छेड़छाड़ के आरोपी दुकानदार द्वारा अपने बचाव में उक्त परिवाद पेश करना पाया जाता है।

 वीडियो रिकॉर्डिंग ने खोल दी सारी पोल
इस मामले में कोतवाली थाना अधिकारी द्वारा बूंदी पुलिस अधीक्षक जय यादव को भेजी गयी जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा द्वारा दुकान पर जाने से पूर्व ही अपने मोबाइल का वीडियो कैमरा ऊपर की जेब में रखकर ले जाया गया था। जिसमें दुकान पर हुयी वार्तालाप व कहासुनी का पूरा घटनाक्रम रिकॉर्डिंग हो गया और दुकानदार द्वारा लगाए गये सभी आरोप निराधार और असत्य पाये गये। उल्लेखनीय है कि व्यापारी ने अपने बचाव में कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा और अन्य लोगो पर कई गंभीर आरोप लगाये थे लेकिन घटना के समय दुकान पर जाने से पहले से लेकर दुकान से बाहर आकर वापस मोटरसाइकिल से सड़क पर चलने की 9ः15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग ने व्यापारी के झूठे आरोपों की सारी पोल खोल दी।

रुपये मांगने का आरोप भी झूठा पाया गया
दुकानदार ने अपनी महिला कर्मचारी, कर्मचारी के पिता, तीन अन्य लोगो के साथ कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा पर दो लाख रुपये मांगने  और दुकान से 10 हजार रुपये ले जाने के आरोप लगाये थे। पुलिस जांच में सामने आया कि दुकानदार सुलभ पांडे को पैसे मांगकर व झूठे केस में फंसाने की धमकी देना एवं दुकानदार द्वारा गल्ले से 5 हजार रुपये व अपनी जेब से ओर 5 हजार रुपये महिला कर्मचारी को देने के तथ्य जांच में सही नहीं पाये गये हैं।