बूंदी: बजरंग बली मन्दिर में मुर्तियां बिखरने व धार्मिक पुस्तक फाडने के आरोपी को पुलिस ने 48 घंटे में किया गिरफतार

- आमजन का धेर्य, प्रशासन पर मजबूत विश्वास व पुलिस की सर्तकता से टली अनहोनी
- हनुमान जन्मोत्सव का कार्यक्रम रहा शांतिपूर्ण  
 
Bundi: Police arrested the accused of scattering idols and tearing religious books in Bajrang Bali temple in 48 hours
पुलिस अधीक्षक जय यादव ने  सुरेन्द्र सिह पु.नि, दीनदयाल उ.नि., श्रीमती सुमन महिला हैडकानि. कुलदीप कानि. को 201 रुपये का रिवार्ड रोल व आसुचना अधिकारी सत्यनारायण कानि. को 501 रुपये का नकद रुपये मय प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की हैं।

बूंदी। जिले के नैनवां थाना इलाके में हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman birth anniversary in Nainwan police station area) के दिन छोटी पडाप स्थित बजरंग बली मन्दिर में मुर्तियां बिखरने व धार्मिक पुस्तक फाडने की घटना (Incident of scattering of idols and tearing of religious books in Bajrang Bali temple located at Choti Padap) का पर्दाफाश करते हुए आरोपी हेमराज खारोल को 48 घन्टे में गिरफ्तार किया (Accused Hemraj Kharol was arrested in 48 hours while busting) गया है। 

पुलिस अधीक्षक जय यादव ने बताया कि 16 अप्रेल को थाना नैनवा पर फरियादी महावीर शर्मा पुत्र बंजरगलाल जाति ब्राहम्ण उम्र 61 साल निवासी छोटी पडाप थाना नैनवा मय रुपनारायण शर्मा ने रिपोर्ट पेश की कि छोटी पड़ाप के पास स्थित बालाजी मन्दिर परिसर के अन्दर बीच मन्दिर में माताजी की मूर्तियां मन्दिर से बाहर फेक दी महादेव जी का सर्प एवं पारबती जी की पोशाक बाहर फेक दी साथ ही बालाजी के मन्दिर के अन्दर रखी रशीद बुके फाड़कर फेक दी। धार्मिक पुस्तकें एवं कामी सरसों का तेल, घी, इत्यादि बालाजी की मूर्ति के सामने स्थिति बरामदे में फेक दी और पूर्व में भी साउण्ड 2 मशीने एवं लाऊड स्पीकर चुराकर ले गयें। इस पर प्रकरण दर्ज कर घटना को गम्भीरता से लेते हुये तुरन्त बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए अनुसन्धान प्रारम्भ किया गया एवं आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास बनाये रखने कि अपील की। 

संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी के दौरान मुखबीर की सुचना पर टीम ने दबीश दी जाकर उक्त घटना को अंजाम देने वाले संदिग्ध अभियुक्त हेमराज पुत्र मोतीलाल खारोल उम्र 40 साल निवासी उनियारा तिराहा के पास, वार्ड न. 20 नैनवां जिला बून्दी को गिरफ्तार करने मे सफलता अर्जित की हैं। आरोपी से बाद पूछताछ आरोप स्वीकार करने पर प्रकरण में गिरफ्तार किया गया। 

आरोपी ने पूछताछ में बताया की 16 अप्रेल को छोटीपड़ाप कचरा व खाली प्लास्टीक की बोतले बीनने गया था तथा वहा बालाजी भगवान का मन्दिर था उस दिन हनुमान जयंती थी। जब वह बालाजी मन्दिर के पास प्लास्टीक बीन रहा था तभी उसके मन मे आया की मेरे रोज बालाजी की पुजा करने के बावजुद बालाजी ने आज तक मुझे क्या दिया, मेरी पत्नि व बच्चे, सब छोड़कर चले गये। मन मे ऐसा विचार आते ही वह मन्दिर के अन्दर गया, उस समय करीब दोपहर 1.15 से 1.30 पीएम के लगभग हुआ था। सबसे पहले वह बायी तरफ चबुतरे पर बने शिव मन्दिर में गया जिसके ताला नही था, तो उसने दरवाजा खोलकर शिव पार्वती की पोशाके हटाकर बाहर फैक दी व शिवलिगं के पास मे नाग को हटाकर बाहर फैका दिया।

उसके बाद वह बालाजी के मन्दिर मे गया तो वहा ताला लगा हुआ था, जिस पर वह पास से ही एक लकड़ी लेकर आया और सलाखे टाईप दरवाजे के अन्दर लकड़ी की सहायता से अन्दर टंगी कपड़े की थैली का निकालकर अपनी तरफ खिछकर उसमे रखी रशीद बुके, सुन्दर कान्ड की किताब, हनुमान चालीसा की किताब को फाड दिया व क्षतिग्रस्त कर दिया तथा अन्दर रखे शंख को भी बाहर निकाल कर चबुतरे पर फेका दिया। मन्दिर के बाहर ही जौत जलाने के स्थान पर रखी तेल की बोतल व घी के डब्बे को वही पास मे गिराकर खाली कर दिया तथा जल रही जौत को बुझाकर स्टैन्ड को निचे पटक दिया। उसके बाद बालाजी मन्दिर के सामने ही चबुतरे के दुसरे किनारे पर स्थित शितला माताजी के मन्दिर के पास गया जिसके दरवाजे पर ताला नही था, जिस पर आरोपी ने दरवाजा खोलकर उसमे रखी 10-12 मूर्तियों को बाहर चबुतरे पर फैक दिया था। उसके बाद वह मन्दिर के मैन गेट से बाहर निकल गया।