बूंदी : तीन युवकों की मौत के दूसरे दिन SP जय यादव ने मौके पर पहुंचकर जाना दूर्घटना का कारण?

- हिंडोली पुलिस व एनएचआई के अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
- मृतको का गमगीन माहौल में हुआ दाह संस्कार 
 
Bundi: On the second day after the death of three youths, did SP Jai Yadav reach the spot and know the reason for the accident?
बूंदी। जिले के हिंडोली बायपास पर एनएच 52 पर काची घाटी के पास रविवार को कार की टक्कर से बाइक सवार तीन युवकों की मौत के दूसरे दिन सोमवार को गांव में तीनों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। गांव में जहां 15 मई को शादी की रस्में पुरी होनी थी वहां आंखों से आंसू की धारा बह रही थी। चारो ओर सन्नाटा पसरा हुआ था। 

इधर, सोमवार को घटना की गम्भीरता को देखते हुए एसपी जय यादव हिंडोली पहुंचे और घटनास्थल का मौका-मुआयना कर दूर्घटना होने का कारण जाना और जानकारी ली कि आखिर यहां एक्सीडेंट होने के पीछे क्या वजह रही। एसपी ने यहां मौजूद कार्यवाहक उपखण्ड अधिकारी केसरी सिंह, डीएसपी सज्जन सिंह, जिला परिवहन अधिकारी, मामले के जांच अधिकारी व एनएचआई के अधिकारी एंव जनप्रतिनिधियों से बात की।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आये सुझावो पर भी संज्ञान लेकर एनएचआई के अधिकारियों से चर्चा की। यहां सामने आया कि टॉल पर एक ही एम्बुलेंस थी और वह भी घटना के समय अन्यत्र जाने के कारण देर से पहुँची। भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए क्षेत्र को एक्सीडेंट जॉन मानते हुए यहां टॉल पर एम्बुलेंस ओर बढाने का प्रस्ताव लिया, ताकि समय पर घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनका जीवन बचाया जा सके। 

एसपी यादव ने एनएचआई के अधिकारियों से कहा कि यहां घुमाव पर वाहन की गति धीमी करने के संकेतक व चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाये। उन्होंने स्थानीय पुलिस से सड़क दूर्घटनाओं को रोकने के लिए गलत साइड चलने वालों व बिना हेलमेट के हाइवे पर चलने वालों के चालान काटने के निर्देश दिए। इस दौरान परिवहन विभाग व स्थानीय पुलिस से संयुक्त रूप से आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों नितेश खटोड़, सीपी गुंजल, परमेन्द्र सिंह व प्रदीप जैन आदि ने एसपी व एनएचआई के अधिकारियों को दूर्घटनाओं के लिए बार बार वन वे करने व संकेतक चिन्ह प्रर्याप्त स्थान पर न होने की बात कहीं और सड़क की साइड की पट्टी को चौड़ा करवाने की भी मांग की।

गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
ग्राम दौडूंदा के सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवकों के शवों का सोमवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को गांव से ज्योहीं युवाओं की अर्थिया निकली गांव में शोक छा गया। हर शख़्स की आंखों से आंसू छलक आए, गांव में इस दर्दनाक हादसे के बाद चूल्हे तक नही जले।

गांव के युवक प्रेमचंद कहार, प्रदीप कहार व नितेश कहार का रविवार को हिंडोली बाईपास पर सड़क हादसे में गंभीर घायल हो गये थे। जिन्हें घटना के बाद बून्दी अस्पताल ले जाया ग़या जहां से प्रदीप व नितेश को कोटा रेफर किया। प्रेमचंद को बूंदी अस्पताल एवं प्रदीप व नितेश को कोटा होस्पीटल में मृत घोषित कर दिया। जिनके शव को रविवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सोप दिये। रविवार रात को ही गांव में प्रेमचंद का दाह संस्कार किया गया। वहीं मृतक प्रदीप व नितेश के शवो का सोमवार दिन में अंतिम संस्कार किया गया।

हिण्डोली चिकित्सालय में 104 कंडम होकर खड़ी हुई है ओर 108 भी खराब है ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने पर घायलों को चिकित्सालय में लेकर जाने में देरी होती है और उसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारी 104 ओर 108 के वाहनों की स्थिति से भलीभांति परिचित है। फिर भी लापरवाही बरती जा रही है।