अच्छी सोच से मनाया बाल दिवस, वंचित वर्ग के बाल-बालिकाओं को खिलोने, कपड़े और किताबे उपहार स्वरूप भेंट किये

 
Celebrated Children's Day with good thinking, gifted toys, clothes and books to underprivileged boys and girls

बूंदी। शहर के नैनवां रोड स्थित कुडोस इंटरनैशनल स्कूल (Kudos International School) व यूनिकॉर्न गार्डेरी स्कूल (Unicorn Gardery School) में  आज 14 नवंबर सोमवार को बेहद ही रोचक तरीके से बाल दिवस मनाया (Children's Day celebrated in a very interesting way) गया। 

Celebrated Children's Day with good thinking, gifted toys, clothes and books to underprivileged boys and girls

जहां एक और कुडोस के प्री प्राइमरी विंग कुडोस यूनिकॉर्न गार्डेरी में नन्हे- मुन्ने छात्र छात्राओं के लिए रोचक और मनोरंजक बाल मेला सजाया गया। विद्यार्थियों ने मिक्की बाउंसी और सीनियर छात्र छात्राओं द्वारा बनाए गए लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा। वही प्राइमरी व मिडिल कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा एक अनूठी शुरुआत की गई। स्कूल द्वारा दी गई प्रेरणा पर विद्यार्थी अपने घर से ऐसे बालक बालिकाओं के लिए उपहार लाए जो की इन सुविधाओं से वंचित है, खिलोने, कपड़े और किताबे उपहार स्वरूप दी गई। 

Celebrated Children's Day with good thinking, gifted toys, clothes and books to underprivileged boys and girls

स्कूल के स्टाफ और मैनेजमेंट ने मिलकर गरीब व निराश्रित बच्चो को फूड पैकेट्स बाटे। सुंदर खिलोने, गर्म कपड़े, जूते, किताबे और खाने की विभिन्न वस्तुएं पाकर इन गरीब और जरूरतमंद बच्चों के चेहरे की मुस्कान देखते ही बनती थी।

Celebrated Children's Day with good thinking, gifted toys, clothes and books to underprivileged boys and girls

सोमवार को करीब 1200 फूड पैकेट्स और उपहार इन गरीब बच्चो को देकर कुडोस स्कूल ने सच्चे मायनो में बाल दिवस मनाया। स्कूल द्वारा स्कूल गेट पर, कलेक्ट्री के बाहर डोनेशन कैंप लगाया गया, साथ ही तेजस्विनी बाल आश्रम, व दलेलपुरा कच्ची बस्ती जाकर भी उपहार बांटे गए।

Celebrated Children's Day with good thinking, gifted toys, clothes and books to underprivileged boys and girls

 स्कूल के स्टाफ और मैनेजमेंट ने मिलकर गरीब व निराश्रित बच्चो को फूड पैकेट्स बाटे। सुंदर खिलोने, गर्म कपड़े, जूते, किताबे और खाने की विभिन्न वस्तुएं पाकर इन गरीब और जरूरतमंद बच्चों के चेहरे की मुस्कान देखते ही बनती थी।