बूंदी: जगदरी गांव में सड़क नही बनी तो महिला-पुरूष और बच्चों ने जयपुर तक पैदल मार्च किया शुरू

आज काप्रेन स्टे, राजस्थान विधानसभा का घेराव व धरना प्रदर्शन करने को मजबूर 
 
Bundi: If the road was not built in Jagdari village, then women, men and children started marching on foot till Jaipur.

राजस्थान के बूंदी जिले के 550 घरों की आबादी वाले जगदरी गांव (Jagdari village with a population of 550 houses in Bundi district) के लोगों ने सड़क नहीं बनने से नाराज होकर गांव से जयपुर तक पैदल मार्च (Foot march to jaipur) करने का कदम उठाया है। ग्रामीणों की अधिकारियों और प्रदेशभर के जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी तो अब सरपंच जगन्नाथी बाई के नेतृत्व में राजस्थान विधानसभा का घेराव व धरना प्रदर्शन (Gherao and picketing of Rajasthan assembly) करने के लिए पैदल ही निकल पड़े है।

Bundi: If the road was not built in Jagdari village, then women, men and children started marching on foot till Jaipur.

ग्रामीण शनिवार सुबह 8ः30 बजे ग्राम पंचायत बालोद के जगदरी गांव से हाथों में तख्तियां लिए नारेबाजी करते हुए रवाना हुए। इससे पहले ग्रामीणों ने सड़क के लिए पदयात्रा पर निकलने वाले ग्रामीणों को माला पहना कर रवाना किया। यह दल आज दोपहर बाद काप्रेन पहुंचेगा। यहां रात्री विश्राम के बाद रविवार को आगे बढ़ेगा। जो प्रतिदिन करीब 20 किमी. का सफर तय कर 10-12 दिन में जयपुर पहुंचेगे।

ग्रामीणों का यह दल पैदल रवाना हुआ जिसमें करीब ढाई सौ महिला- पुरुष और बच्चे शामिल है। पैदल जा रहे प्रदर्शनकारियों में 70 साल की उम्र के महिला-पुरुष भी शामिल है, जिनका नेतृर्त्व सरपंच जगन्नाथी बाई कर रही है। साथ में ग्राम पंचायत सदस्य मुक्ला बाई मीणा, देवेंद्र बैरवा, ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष महेश सोनी, राम सिंह हाडा, मनोहर सिंह राजावत, ईश्वर सिंह व समाजसेवी हरिप्रसाद मीणा आदी मुख्य रूप से शामिल है।

बूंदी जिले की बालोद ग्राम पंचायत सरपंच जगन्नाथी बाई ने बताया कि 70-80  घरों वाले जगदारी गांव में 5ः30 सौ की आबादी बसी हुई है। वर्ष 2011 में हुई जनगणना में यहां की आबादी कम दर्शायी गई थी, लेकिन अब गांव की आबादी ज्यादा होने के बावजूद भी सड़क जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। कापरेन से जगदरी वाया बालोद ग्राम पंचायत मुख्यालय तक सडक़ निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा जयपुर तक पैदल मार्च करने कि घोषणा पर फरवरी 2022 में सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजन लाल जाटव, तत्कालीन जिला कलक्टर रेणु जयपाल के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया था। लेकिन हमारी समस्या पर ध्यान नही देने के चलते यह कदम उठाया।

समाजसेवी हरिप्रसाद मीणा ने बताया कि विगत 3 सालों से गांव में सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। बूंदी जिला कलेक्टर, संभागीय आयुक्त सहित राजस्थान सरकार के हर मंत्री को ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की। लेकिन किसी ने भी हमारी जायज मांग को नहीं सुना। मजबूरन ग्रामीणों ने एकराय होकर राजस्थान विधानसभा के घेराव करने व धरना प्रदर्शन करने का कदम उठाया। मीणा ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सडक़ का प्रस्ताव बनाकर सबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा हुआ है। जिसमें कापरेन से बालोद तक 7.70 किमी लम्बी अनपेचेबल डामर सडक़ का नवीनीकरण कार्य और जगदरी से बालोद तक 4.50 किमी कच्चा रास्ते पर डामर सडक़ का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। कुल 12.20 किमी डामर सडक़ की आवश्यकता है। जिसकी अनुमानित लागत 4 करोड़ 57 लाख 38 हजार रुपए हैं। सडक़ निर्माण होने से नगर पालिका क्षेत्र के ग्रामीण वार्ड टाकरवाडा, झोपडिय़ा सहित ग्राम पंचायत के बालोद व बंजारा की झोपडिय़ा, खेड़ली व्यावसान,पीपल्दा जागीर के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।