बूंदी : धनेश्वर ग्राम पंचायत पर ताला लगा होने से ग्रामीण होते रहे परेशान

- धनेश्वर, काला पीपला, खेड़ा, रोज़ा का तालाब के ग्रामीणों ने बतायी अपनी पीड़ा
 
Bundi: Due to the locking of the Dhaneshwar Gram Panchayat, the villagers were worried.
विकास अधिकारी पंचायत समिति तालेड़ा, हर्ष महावर ने बताया कि ग्राम पंचायत पर ताला लगा होने की जानकारी लगी है, ग्राम पंचायत कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
बूंदी। राजस्थान सरकार भले ही सुशासन और जवाबदेही तय करने की बात कर रही हो, लेकिन इसी प्रदेश की सरकार में बैठे कर्मचारी सरकार के आदेशों की खिल्लिया कार्यालय के ताला लगाकर उड़ा रहे हैं। मामला तालेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के धनेश्वर ग्राम पंचायत (Dhaneshwar Gram Panchayat of Taleda Panchayat Samiti area) का है, जहां ग्राम पंचायत कार्यालय धनेश्वर व राजीव गांधी सेवा केंद्र पर ताले लटके रहे (Locks remained hanging at Gram Panchayat Office Dhaneshwar and Rajiv Gandhi Service Center)। नतीजा ग्रामीण अपने आवश्यक कार्यों के लिए दिन भर ग्राम पंचायत के चक्कर लगाते रहे। लेकिन वहां उनकी कोई सुनने वाला नहीं मिला।

जानकारी के मुताबिक तालेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की धनेश्वर ग्राम पंचायत में वैसे तो राज्य सरकार द्वारा ग्राम विकास अधिकारी राकेश अरविंद, पंचायत सहायक संतोष मेवाड़ा, कृष्णकांत, कालू लाल बैरागी, नरेगा सहायक एलडीसी को तैनात कर रखा है। लेकिन ताज्जुब की बात है कि यहां बुधवार को एक भी कर्मचारी नहीं पहुंचा, जिससे ग्राम पंचायत के मुख्य द्वार पर ही ताला लटका रहा। 

ताला लगा होने से भटकते रहे ग्रामीण-
घनेश्वर, काला पीपला, खेड़ा, रोज़ा का तालाब आदी क्षेत्रो से आये ग्रामीणों ने बताया की पेंशन, नरेगा व शौचालय व आवास सहित कई काम से ग्राम पंचायत में आते है ग्राम पंचायत में ताला लगा मिलता है और ग्राम विकास अधिकारी भी कभी आते है ओर कभी नही आते है। बुधवार को भी ग्राम पंचायत में ताला लगा हुआ था।

मैं प्रधानाचार्य से आग्रह कर चुका हूं- VDO 
ग्राम विकास अधिकारी राकेश अरविंद ने बताया कि ग्राम पंचायत में तैनात तीन पंचायत सहायकों को करीब पिछले 1 महीने से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुराना धनेश्वर में लगा रखा है, जहां पंचायत सहायक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्राम सचिव राकेश अरविंद ने बताया कि पंचायत सहायकों को एसएमसी के माध्यम से राज्य सरकार ने लगा रखा है। मैं भी आज काम से पंचायत समिति तालेड़ा में आया हुआ हूं। पंचायत सहायकों को ग्राम पंचायत भेजने  के लिए  मैं प्रधानाचार्य से आग्रह कर चुका हूं, लेकिन वहां भी स्टाफ की कमी बताई जा रही है।

पीईओ ने कहा- काम होतो ग्राम पंचायत भेजते है।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य, पीईओ अर्चना धाभाई ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी जब भी पंचायत सहायकों की डिमांड करते हैं, उन्हें ग्राम पंचायत के कार्य के लिए भेजा जाता है। वैसे भी इन्हें पीईओे सहायक के तौर पर नियुक्त किया हुआ है। ये खुद भी स्कुल का काम करना ही पसंद करते है।

स्कूल आबाद, ग्राम पंचायत विरान
पंचायत राज, शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि विद्यार्थी मित्र के रूप में तैनात संविदा कर्मचारियों को राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के एसएमसी के माध्यम से आवेदन लिए थे, इनकी नियुक्ति ग्राम पंचायत द्वारा की गई है, इनका वेतन भी राज्य वित्त आयोग द्वारा ग्राम पंचायत के माध्यम से दिया जाता है। राज्य सरकार के यह भी आदेश है कि पंचायत सहायकों को विद्यालयों में शेक्षिक कार्य के लिए नहीं लगाया जा सकता। इन्हें मल्टी टॉस्क के रूप में काम लिया जा सकता है। लेकिन किसी भी सूरत में ग्राम पंचायत पर एक भी पंचायत सहायक ना हो ऐसा कोई आदेश सरकार ने नहीं दिया है। धनेश्वर ग्राम पंचायत में यदि तीन पंचायत सहायक है तो 2 को ही स्कूल में लगाया जा सकता है। एक को ग्राम पंचायत में रखना होगा, वरना ग्राम पंचायत कि व्यवस्था बिगड़ जाएगी।

अफवाह के चलते ग्राम पंचायत पहुंचे लोग
इधर, ग्राम विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि धनेश्वर पंचायत क्षेत्र के किसी व्यक्ति द्वारा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योजना के तहत मोबाइल बांटने की अफवाह फैला दी जिसके चलते यहां लोगों की भीड़ उमड़ गई और दिन भर लोग मोबाइल के लिए ग्राम पंचायत के चक्कर लगाते रहे। कई लोगो के मेरे पास भी फोन आये है। 

ये बौलें- विकास अधिकारी महावर 
विकास अधिकारी पंचायत समिति तालेड़ा, हर्ष महावर ने बताया कि ग्राम पंचायत पर ताला लगा होने की जानकारी लगी है, ग्राम पंचायत कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।