अस्पताल में भर्ती बेसहारा रोगी का जीवन बचाने की कवायद, बूंदी ब्लड बैंक में 350 यूनिट ब्लड लेकिन एक भी B Negative Group नहीं

- कैसे बचे जीवन-डेढ़ लाख की जगह मात्र 2 हजार ही रह गये ब्लड प्लेटीलेट्स
 
An exercise to save the life of a destitute patient admitted in the hospital, 350 units of blood in Bundi blood bank but not a single B negative
B negative group के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व NSUI के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव लोचन गौतम जानकारी मिलते ही रोगी का जीवन बचाने के लिये ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। बाद में बी नेगेटिव के शान अहमद भी पहुंचे और रक्तदान किया।

बूंदी। जिला अस्पताल के  मेडिकल वार्ड में भर्ती बेसहारा रोगी सूरज कठेरिया का जीवन बचाने की कवायद जारी है। सूरज के शुक्रवार की ब्लड जाँच में डेढ़ लाख के स्थान पर मात्र दो हजार प्लेटीलेट्स और 2.5 ग्राम हीमोग्लोबिन रह गया है। पीड़ित के माता पिता का निधन हो चुका है।डेढ़ माह पूर्व मां की म्रत्यु के बाद से ही वह गहरे सदमे में है। यह भी विडम्बना है कि बूंदी ब्लड बैंक में पहली बार गर्मी में 350 यूनिट ब्लड स्टॉक होने के बावजूद एक यूनिट भी बी नेगेटिव ब्लड नहीं है। ऐसे में बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप (B negative blood group) के बेसहारा रोगी का जीवन संकट में आ गया।सूरज के मजदूर भाई है जो अलग रहते है और उनकी आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि इलाज करवा सके।

मुझे बचालो मरना नहीं चाहता
 शुक्रवार को भगवान परशुराम जन्मोत्सव में फल वितरण के दौरान पीड़ित रोगी ने कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा से मदद मांगी और कहा कि मुझे बचालो मैं मरना नहीं चाहता हूं। जिसके बाद शर्मा ने डॉ पवन भारद्वाज से मिलकर रोगी का जीवन बचाने का आग्रह किया। शुक्रवार सांय डॉ भारद्वाज ने शर्मा को फोन कर पीड़ित रोगी का जीवन संकट में बताते हुये मात्र 2 हजार प्लेटीलेट्स व 2.5 ग्राम ब्लड रहने की जानकारी दी। रोगी को प्लेटीलेट्स व 6 यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी और बूंदी में ब्लड बैंक में एक भी उपलब्ध नहीं था।

राजीव लोचन व शान बने जीवनदाता
शनिवार सुबह चर्मेश शर्मा स्वयं ब्लड ब्लड बैंक पहुंचे और वहाँ से बी नेगेटिव ग्रुप के पुराने रक्तदाताओं की जानकारी लेकर बी नेगेटिव ग्रुप के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व NSUI के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव लोचन गौतम से आग्रह किया तो गौतम रोगी का जीवन बचाने के लिये 10 मिनिट में ही ब्लड बैंक पहुंच गये और रक्तदान किया औ ब्लड बैंक स्टाफ ने भी त्वरित प्रभाव से आवश्यक जाँच पूरी की और कुछ देर बाद ही पीड़ित रोगी को ब्लड चढ़ा दिया गया। बाद में बी नेगेटिव के शान अहमद भी पहुंचे और रक्तदान किया। राजीव लोचन गौतम व शान अहमद के रक्तदान से अब इस बेसहारा रोगी का जीवन बचने की उम्मीद बंधी है। ब्लड बैंक में कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने राजीव लोचन गौतम व शान का माल्यार्पण कर स्वागत किया और इस पुनीत कार्य के लिये धन्यवाद दिया। इस अवसर पर ब्लड बैंक स्टाफ से रामदयाल शर्मा,एडवोकेट राजेंद्र दाधीच,कांग्रेस से पार्षद प्रत्याशी रहे मयंक सुवालका,पार्षद अंकित बूलीवाल,रोहित बैरागी,इरफान इलू, साबिर सहित हारून खान, कलाम भाई, छात्र नेता आशिक अली आदि भी उपस्थित रहे।

 हजारों रुपये हो तब चढ़े प्लेटीलेट्स
चिकित्सकों के अनुसार दो यूनिट ब्लड चढ़ाने से रोगी के प्लेटीलेट्स 2 हजार से बढ़कर लगभग 10 हजार से अधिक होने की सम्भावना है। रोगी का जीवन बचाने के लिये अभी भी कोटा ले जाकर सीधे प्लेटीलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता है। जानकारी के अनुसार रोगी का जीवन बचाने के  लिये भी अभी भी लगभग  5 बी नेगेटिव ब्लड वाले रक्तदाता चाहिये।बूंदी में प्लेटीलेट्स की सुविधा नहीं है, कोटा के प्राइवेट ब्लड बैंक में ब्लड देने के साथ ही एक यूनिट प्लेटीलेट्स चढ़ाने के किट के 8 से 10 हजार रूपये की रसीद काटी जाती है।ऐसे में रोगी का जीवन बचाने के लिये प्रति यूनिट प्लेटीलेट्स लगभग 10 हजार रुपये  की आवश्यकता है।कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने सभी जागरूक लोगो और संस्थाओं से पीड़ित की मदद का आग्रह किया है।