बड़ी कार्यवाही : 90 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू, अतिक्रमियों में मचा हडकम्ंप

 
90 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही

बूंदी। बूंदी वन रेंज के गुढ़ानाथावतान नाका उलेड़ा किशनपुरा, गोपालपुरा वन क्षेत्र में स्थित 90 हेक्टेयर वन भूमि पर ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण कर रखा था, जिसे उप वन संरक्षक सोनल जोरिहार के निर्देशानुसार वन विभाग के 6 रेंज कार्यालयों से बुलाई गई टीम ने 11 जेसीबी मशीन के सहयोग से पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्यवाही के दौरान वन कर्मियों को ग्रामीणों द्वारा हलका विरोध भी झेलना पड़ा। वहीं इस कार्यवाही से अतिक्रमियों में खलबली मच गई। उपवन संरक्षक के नेतृत्व में की गई कार्यवाही को देखकर ग्रामीण एवं वन विभाग के कर्मचारी भी अचंभित रह गए। वन विभाग की यह कार्यवाही जिले में चर्चा का विषय बन गई।

जानकारी के अनुसार बूंदी क्षेत्रीय जंगलात कार्यालय गुढ़ानाथावतान नाका उलेड़ा किशनपुरा गोपालपुरा वन क्षेत्र की करीब 90 हेक्टेयर भूमि पर ग्रामीण कब्जा कर फसल बुवाई कर रहे थे। जिस पर वन विभाग द्वारा समय-समय पर कार्यवाही की गई। लेकिन ग्रामीणों के आगे वन विभाग बे-बस रहा और धीरे-धीरे 90 हेक्टेयर भूमि पर ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया। आज मंगलवार को उप वन संरक्षक सोनल जोरिहार के निर्देश पर जिले के 6 रेंज कार्यालयों की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची। जिसमें नैनवां, हिंडोली, डाबी, केशोरायपाटन, बूंदी और इंद्रगढ़ के वनकर्मी शामिल रहे। इस दौरान वनकर्मियों ने 11 जेसीबी मशीन के सहयोग से अतिक्रमण हटाने के लिए खाई खोदकर फेंसिंग की कार्यवाही शुरू की।

वहीं राजस्व विभाग के पटवारी और कानूनगो और वन विभाग के सर्वेयर और आमीन ने मिलकर उक्त भूमि का संयुक्त सर्वे कर सीमाज्ञान किया गया। कार्यवाही के दौरान कार्यवाहक एसीएफ संजय शर्मा, बूंदी रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी एवं गश्ती दल प्रभारी मनीष शर्मा, हिंडोली रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक जासू आदि मौजूद थे। वहीं किसी भी तरह की अशांति होने की दृष्टि से पुलिस बल की माकूल व्यवस्था की गई थी। इस दौरान यहां सदर, नमाना, डाबी, कोतवाली थाना पुलिस मौके पर मौजूद थी।

इन्होने कहा-
उप वन संरक्षक सोनल जोरिहार ने बताया कि बारिश का पानी भरा होने की वजह से अतिक्रमण हटाने में परेशानी आ रही थी। वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।