Bhilwara कलेक्टर ने मीटिंग में तहसीलदार को लगाई फटकार, नौकरी से दे दिया इस्तीफा, लिखा- मेरी अंतरात्मा...

 
Bhilwara collector reprimanded the Tehsildar in the meeting, resigned from the job, wrote - my conscience...

भीलवाड़ा। कलेक्टर की फटकार और बैठक से बाहर निकाले जाने से आहत (Hurt by the reprimand of the collector and being thrown out of the meeting) होकर आसींद तहसीलदार ने अपना त्यागपत्र राजस्व मण्डल अध्यक्ष को भेज दिया (Asind Tehsildar sent his resignation letter to the Revenue Board President) है। यही नहीं तहसीलदार ने कलेक्टर पर जींस पहनकर आने पर बैठक से बाहर निकाल देने का आरोप लगाया है। यह बात अब जिले में चर्चा का विषय बन गयी है।

यह पुरा मामला भीलवाड़ा जिला कलेक्ट्रेट सभागार का है, जहां जिला कलेक्टर आशीष मोदी राजस्व अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। इस दोरान कलेक्टर मोदी ने तहसीलदार प्रवीण चौधरी से राजस्व संबंधित कार्य और मतदाता पहचान पत्र से आधार लिंक को लेकर बीएलओ की बैठक लेने के बारे में पूछा। इस पर तहसीलदार प्रवीण कलेक्टर को कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद कलेक्टर नाराज हो गए और उन्होंने तहसीलदार को फटकार लगाते हुए बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया।

तहसीलदार प्रवीण चौधरी का कहना है कि मेरा चयन आरटीसी 2018 में हुआ था। उसके बाद 27 जुलाई 2022 को आसीन्द में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यभार संभाला। उसके बाद 8 अगस्त 2022 को मुझे आसीन्द का कार्यभार सौंपा गया। मैने इस दौरान जितना कार्य हो सकता था वह किया। मगर कलेक्टर ने मुझे ही टारगेट किया। मैं मानता हुं कि मेरे कामों में कुछ कमी रही, लेकिन उन्हें मुझे सुधार के लिए समय देना चाहिए था। मगर उन्होंने मुझे बैठक में खड़ा कर दिया, इस दौरान उन्होंने मुझे जींस पहना देखकर भड़क गए और मुझे बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया। इससे मैं काफी आहत हुआ हूं। कलेक्टर ने जो मेरे साथ बैठक में किया उससे मेरे आत्मविश्वास और गरिमा पर चोट लगी है। इसके कारण मैनें राजस्व मण्डल अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र भेज दिया है।

तहसीलदार ने यह भी बताया कि मुझे प्रभारी भू- अभिलेख और भीलवाड़ा के एसडीएम ने फोन करके एक म्यूटिशयन खोलने के लिए कहा और इसमें कलेक्टर का हवाला भी दिया था। यह म्यूटिशयन किसी आईपीएस अधिकारी के परिवार का था जो मोड़ का निम्बाहेड़ा में खुलना था। इसकी जब मैने जांच की तो पता चला कि वह परिवार वहां ना रहकर ब्यावर रहने की बात सामने आयी। इस पर मैने वहां से सजरा मंगवाया था। इस पर मैने कहा था कि सेक्शन 135-2 में प्रकरण का निस्तारण कर लिया जाएगा। मैने इसमें सही कहा था लेकिन मेरे साथ ऐसा कृत्य हुआ। वहीं कलेक्टर ने इस सम्बन्ध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैने इस सम्बन्ध में बैठक में कोई वार्ता नहीं की थी।

तहसीलदार ने अपने त्यागपत्र में महात्मा गांधी के कथन का हवाला देते हुए लिखा कि मेरी अंतरात्मा-जमीर मुझे सहमती नहीं देता है कि मैं इस पद पर स्थापित रहूं। शायद मेरा फैसला भावनात्मक हो, मगर मेरे दृष्टिकोण से मेरा निर्णय सही है।