बाड़मेर : मोकलसर पटवारी रेखा वैष्णव को जैसलमेर ACB की टीम ने 8000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार

- कृषि भूमि का नामांतरण खोलने की एवज में ली थी रिश्वत की राशि  
 
Barmer: Mokalsar Patwari Rekha Vaishnav arrested red handed by Jaisalmer ACB team taking bribe of Rs 8000

बाड़मेर। जिले के सिवाना में रविवार को मोकलसर पटवारी को 8000 हजार रुपए की रिश्वत लेते जैसलमेर एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार (Jaisalmer ACB arrested Mokalsar Patwari for taking bribe of 8000 thousand rupees) किया है। एसीबी जैसलमेर इकाई की टीम ने कार्यवाही करते हुए पटवारी रेखा वैष्णव पटवार मंडल मोकलसर तहसील सिवाना जिला बाड़मेर (Patwari Rekha Vaishnav Patwar Mandal Mokalsar Tehsil Siwana District Barmer) को परिवादी से रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी ने कृषि भूमि नामांतरण खोलने की एवज में यह रिश्वत की राशि ली थी। जैसलमेर ACB के पुलिस उप अधीक्षक अन्नराज सिंह के नेतृत्व में कार्यवाही को अंजाम दिया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया की एसीबी की जैसलमेर इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई थी, जिसमें बताया कि उसके द्वारा क्रय की गई भूमि का नामांतकरण खोलने की एवज में पटवारी रेखा वैष्णव पटवार मंडल मोकलसर एवं उसके पति सुभाष वैष्णव द्वारा परिवादी से 25000 रुपये रिश्वत राशि मांग कर परेशान किया जा रहा है।

जिस पर एसीबी जोधपुर के उपमहानिरीक्षक पुलिस सवाई सिंह गोदारा के सुपरविजन में एसीबी जैसलमेर इकाई के उप अधीक्षक पुलिस अन्नराज राजपुरोहित के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कराया गया, शिकायत सही पाये जाने पर एसीबी टीम द्वारा रविवार को ट्रैप की कार्यवाही करते हुए रेखा वैष्णव पत्नी सुभाष वैष्णव निवासी ग्राम मोडीकला तहसील रियाबड़ी जिला नागौर हॉल पटवारी पटवार मंडल मोकलसर तहसील सिवाना जिला बाड़मेर को परिवादी से 8000 रुपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

आरोपीया पटवारी का दलाल पति सुभाष वैष्णव एसीबी कार्रवाई की भनक लगने पर मौके से फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है। उल्लेखनीय है की आरोपीया पटवारी एवं उसके दलाल पति द्वारा परिवादी से पूर्व में 15000 रुपये रिश्वत के रूप में वसूल कर लिए थे। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।